नई दिल्ली / हैदराबाद, अपने और अपने परिवार के सुरक्षित भविष्य के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), म्यूचुअल फंड, शेयर बाजार और बीमा पॉलिसियों में लाखों रुपये का निवेश करना एक समझदारी भरा कदम है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अचानक किसी अनहोनी की स्थिति में आपके परिवार को इस संचित धन का पता कैसे चलेगा? आज के डिजिटल युग में सही जानकारी और पुख्ता रिकॉर्ड के अभाव में हर साल देश के हजारों परिवारों को उनके अपनों की मेहनत की कमाई का अधिकार नहीं मिल पाता है और जानकारी के अभाव में करोड़ों रुपये की संपत्ति सरकारी खातों में लावारिस जमा हो जाती है। पुराने समय में जहां निवेश के सारे कागजात घर की अलमारी या बैंक लॉकर में आसानी से मिल जाते थे, वहीं आज का डिजिटल निवेश विभिन्न ऐप्स, डीमैट खातों, बैंक अकाउंट्स और ईमेल्स के बीच बिखर कर रह गया है।
सिर्फ नॉमिनी बनाना ही काफी नहीं, कानूनी विवादों से बचने के लिए ‘वसीयत’ और मास्टर लिस्ट तैयार करना है जरूरी
इस बड़ी परेशानी से बचने के लिए हर निवेशक को आज ही अपने सभी वित्तीय रिकॉर्ड की एक ‘मास्टर एक्सेल शीट’ या डिजिटल डायरी तैयार करनी चाहिए, जिसमें बैंक खातों के विवरण, ब्रोकर ऐप्स, म्यूचुअल फंड फोलियो नंबर, बीमा पॉलिसियों और पीएफ नंबर जैसी तमाम जानकारियां दर्ज हों और इसे किसी भरोसेमंद सदस्य के साथ साझा किया जाए। इसके अलावा, लोगों में यह आम भ्रम होता है कि बैंक या म्यूचुअल फंड में किसी को ‘नॉमिनी’ बना देने से वह संपत्ति का मालिक बन जाता है, जबकि कानून की नजर में नॉमिनी केवल एक कस्टोडियन होता है। भविष्य में पारिवारिक विवादों से बचने और संपत्ति के सही हकदार को उसका अधिकार दिलाने के लिए एक ठोस और रजिस्टर्ड वसीयत का होना बेहद आवश्यक है।
अनहोनी के समय परिवार के पास होनी चाहिए ये तीन बुनियादी जानकारियां, 31 मार्च 2027 से पहले पूरा करें नियम
किसी भी आपात स्थिति में दुखी परिवार को तुरंत लंबी कागजी कार्रवाई में उलझने के बजाय सबसे पहले दिवंगतों के निवेश को सुरक्षित करना चाहिए। इसके लिए परिवार के पास पैन कार्ड, आधार नंबर, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर (OTP के लिए) और प्राइमरी ईमेल आईडी का पासवर्ड होना अनिवार्य है। यदि समय रहते इन निवेशों का पता न चले, तो नियमों के तहत यह लावारिस संपत्ति सरकार के इन्वेस्टर एजुकेशन एंड प्रोटेक्शन फंड (IEPF) में चली जाती है, जिसे वापस पाना एक बेहद जटिल प्रक्रिया बन जाती है। इसलिए अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने के लिए समय रहते मास्टर लिस्ट तैयार करें और 31 मार्च, 2027 की समयसीमा से पहले अपने सभी खातों में नॉमिनेशन व वसीयत की प्रक्रिया को अनिवार्य रूप से पूरा कर लें।

