राष्ट्रपिता की जयंती पर केंद्रीय जेल से रिहा हुए 7 बंदी

सतना :राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर केंद्रीय जेल सतना में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 7 बंदियों को राज्य शासन से घोषित परिहार का लाभ देते हुए रिहा कर दिया गया. इस दौरान जेल प्रशासन द्वारा बंदियों के उज्जवल भविष्य को लेकर शुभकामनाएं भी दी गईं.अधीक्षक केंद्रीय जेल सतना श्रीमती लीना कोष्टा ने जानकारी देते हुए बताया कि गांधी जयंती के अवसर पर रिहा होने वाले बंदियों में मैहर जिले का संतोष चौधरी, छतरपुर जिले का धर्मेंद्र उर्फ चम्पू मिश्रा, पन्ना जिले के लाल उर्फ विरोचन लोधी, मुन्नू प्रजापति, गिरधारी प्रजापति, लोकेंद्र सिंह और शहनाज खान सम्मिलित रहे.

रिहा होने वाले बंदियों मेे से 4 बंदी खुली जेल कालोनी की कुटिया में निवासरत थे.रिहाई के दौरान प्रत्येक बंदी को श्रीफल, आध्यात्म से जुडऩे के लिए श्रीमद् भगवतगीता, फलदार पौधा, लंच पैकेट पारिश्रमिक पासबुक और बंदी का रिहाई प्रमाण पत्र प्रदान किया गया. इसी कड़ी में जेल अधीक्षक द्वारा बंदियों को अपराध से दूर रहने, शेष जीवन को सद्मार्ग पर जे जाने और समाज की मुख्य धारा से जुडऩे की कामना करते हुए उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं. साथ में मौजूद जेल स्टॉफ द्वारा भी बंदियों की रिहाई पर प्रसन्नता व्यक्त की गई.
दो बंदियों ने कमाए 1.11 लाख
जेल में निरुद्ध रहने के दौरान श्रम करते हुए बंदियों ने अच्छी कमाई भी की. बंदी संतोष को जहां पारिश्रमिक के तौर पर 1 लाख 11 हजार 972 रुप मिले वहीं बंदी लोकेंद्र ने 1 लाख 11 हजार 524 रु का पारश्रमिक प्राप्त किया. इसी कड़ी में बंदी धर्मेंद्र उर्फ धम्मू को 63 हजार 781, बंदी लाल उर्फ विरोचन को 56 हजार 382, बंदी शहनाज को 52 हजार 382, बंदी मुन्नू को 36 हजार 918 और गिरधारी को 21 हजार 373 रु बतौर पारिश्रमिक प्राप्त हुए.

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