
भोपाल। ऑपरेशन फेश” के तहत फर्जी सिम एक्टिव करने वाले 2 आरोपियों को सायबर क्राइम ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार किया. आरोपियों ने अपने पीओएस से एक ही व्यक्ति के चेहरे पर 246 फर्जी सिम जारी की. आरोपियों ने जारी सिमो में फर्जी आई.डी का उपयोग कर अलग अलग नाम व पते पर सिम जारी की गई थी. तथ्यो के आधार पर आरोपी पी.ओ.एस ने अपने पास सिम लेने आये ग्राहक का आई.डी प्रूफ की फोटो कापी कर फर्जी अलग अलग लोगो के नाम पर एक ही व्यक्ति के फोटो पर 250 के लगभग सिमें एक्टिव की. पुलिस ने आरोपीगणों के पास से 2 मोबाईल , 2 सिम जब्त किया है. मामले में शामिल अन्य आरोपियों के तलाश अभी जारी है.
सायबर क्राइम ब्रांच पुलिस के अनुसार बीते 24 फरवरी को ऑपरेशन फेश के तहत डीओटी से प्राप्त फर्जी सिम के चेहरे वाले व्यक्ति और मिलीभगत में सम्मिलित पीओएस धारक ऐजेंटो के खिलाफ कार्रवाई किये जाने के लिए निर्देशित किया गया. डीओटी द्वारा वर्ष 2023 में एआई आधारित फेशियल रिकोगनेशन टूल के माध्यम से फर्जी मोबाईल सिम धारकों का डाटा प्रदाय किया गया, जिनमें एक ही व्यक्त्ति की चेहरे पर कम से कम 50 और उससे अधिक की संख्या में मोबाइल नम्बर नाम के साथ ही पता बदल-बदल कर एक्टिवेट कराये गये. इनमें से 52 मोबाइल नंबर देवेन्द्र यादव (34) निवासी जहांगीराबाद ने वेरिफाई कराते हुए जारी किए. 3 मो.नं. मो. सैफ कुरैशी निवासी इतवारा रोड ने वेरिफाई कराते हुए जारी किए. इसमे सैफ कुरैशी की फोटो लगी हुई मिली. पुलिस ने देवेन्द्र और सैफ के साथ ही अन्य के खिलाफ दूरसंचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया.
आरोपियों से की गई पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी पीओएस एजेंट हैं, जब दो टेलीकाम कंपनियां मर्ज हुई थी. तब कंपनी ने ज्यादा से ज्यादा सिम बेंचने पर आकर्षक ईनाम दे रही थी. रपाशी देना शुअपने साथी फैजान के साथ मिलकर लगभग 250 सिमे एक्टिवेट की थी जिनके सभी फार्म पर फैजान की फोटो लगाई थी एवं पता व आई.डी. आधार, ड्राइविंग लायसैंस जो पहले से दूसरे लोगो(ग्राहको) के आरोपीगणो की दुकान में पङे रहते थे उन्ही के दस्तावेज लगाकर फर्जी नाम व पते खैफ फार्म में लिखकर फर्जी सिम एकेटीवेट करके बेचते थे.
