नई दिल्ली, 10 अप्रैल (वार्ता) सरकार की भुगतान सेवा ‘भीम’ (बीएचआईएम) ने खुद को ‘भारत का अपना पेमेंट्स ऐप’ के रूप में दोबारा प्रस्तुत करते हुए एक नया ब्रांड कैंपेन ‘पैसों की कदर’ लॉन्च किया है।
इस अभियान का उद्देश्य भारत में डिजिटल भुगतान के पीछे की सांस्कृतिक और भावनात्मक गहराई को सामने लाना है। बीएचआईएम को विकसित करने वाली संस्था एनपीसीआई बीएचआईएम सर्विसेज लिमिटेड (एनबीसीएल) ने इस अभियान के माध्यम से देश के हर नागरिक तक पहुंच बनाने की रणनीति अपनाई है।
यह कैंपेन टिल्ट ब्रांड सॉल्यूशंस द्वारा तैयार किया गया है और इसमें पांच ब्रांड फिल्मों को शामिल किया गया है, जिन्हें नौ भारतीय भाषाओं में पेश किया जाएगा। इन फिल्मों को स्लाइस-ऑफ-लाइफ शैली में बनाया गया है, जो आम भारतीयों की रोजमर्रा की जिंदगी में बीएचआईएम के उपयोग और विश्वास को दर्शाती हैं। कैंपेन का फोकस प्रमुख रूप से भरोसे, सुरक्षा, समावेशिता और ग्राहक केंद्रितता जैसे मूल्यों पर है।
इस अवसर पर भीम ने अपना नया वर्जन भीम 3.0 भी लॉन्च किया है, जिसमें कई नई सुविधाएं जोड़ी गई हैं। इनमें 15 से अधिक भारतीय भाषाओं का विकल्प, कम इंटरनेट कनेक्टिविटी में भी काम करने की क्षमता और फैमिली मोड, स्प्लिट एक्सपेंस, खर्च विश्लेषण और एक्शन रिमाइंडर जैसे स्मार्ट मनी मैनेजमेंट टूल्स शामिल हैं।
एनबीएसएल के मुख्य कारोबार अधिकारी राहुल हांडा ने कहा, “डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है लेकिन आज भी लोगों के लिए पैसे से जुड़ा भरोसा सबसे अहम है। भीम 3.0 को इस भरोसे को और मजबूत करने के लिए डिज़ाइन किया गया है ताकि हर भारतीय को एक ऐसा ऐप मिले, जो न केवल सुरक्षित हो बल्कि उनके लिए जाना-पहचाना भी लगे।”
टिल्ट ब्रांड सॉल्यूशंस के ग्रुप चीफ क्रिएटिव ऑफिसर आदर्श अटल ने कहा, “भारत में पैसे का मतलब सिर्फ ट्रांजैक्शन नहीं होता। यह हमारी सोच, संस्कार और रिश्तों को दर्शाता है। ‘पैसों की कदर’ के जरिए हमने यही दिखाने की कोशिश की है कि बीएचआईएम सिर्फ एक ऐप नहीं बल्कि हमारे सामाजिक और भावनात्मक मूल्यों का एक विस्तार है।”
यह कैंपेन टेलीविजन, डिजिटल, प्रिंट, रेडियो, सिनेमाघरों, आउटडोर और सोशल मीडिया सहित सभी प्लेटफॉर्म पर लॉन्च किया जा रहा है। ब्रांड फिल्में क्रमशः भीम के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जारी की जाएंगी।
