
सिंगरौली । बिलौंजी-बैढ़न स्थित एनसीएल ग्राउंड में प्रस्तावित सिविक सेंटर के निर्माण पर करीब दो साल से छाया गतिरोध अब खत्म होने की स्थिति में पहुंच गया है। नगर पालिक निगम सिंगरौली की 14 अक्टूबर को प्रस्तावित परिषद बैठक में इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यानी अब फैसला महापौर की मेयर-इन-काउंसिल से आगे बढ़कर नगर निगम परिषद के पटल पर होगा।
करीब ढाई वर्ष पूर्व एनसीएल ग्राउंड में सिविक सेंटर निर्माण के लिए भूमि आरक्षित कर लगभग 57 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई थी। प्रस्तावित परिसर में 280 दुकानें, सभागार और चौपाटी सहित अन्य सुविधाएं विकसित की जानी हैं। योजना पर काम भी शुरू हुआ था और ठेकेदार को करीब दो करोड़ रुपये के प्रथम भुगतान के लिए नगर निगम में नस्ती चली थी। इसी दौरान भुगतान को लेकर पेंच फंस गया। महापौर रानी अग्रवाल ने ननि मद से भुगतान पर रोक लगाते हुए राशि एनसीएल-एनटीपीसी के सीएसआर अथवा डीएमएफ से उपलब्ध कराने की बात कही। मामला आगे बढ़ा तो तत्कालीन कलेक्टर ने व्यवसायिक प्रकृति के कार्य के लिए सीएसआर अथवा डीएमएफ से राशि दिए जाने पर असहमति जताई। इसके बाद परियोजना का भुगतान और निर्माण प्रक्रिया अटक गई। अब फिलहाल यही माना जा रहा है कि अब यदि उक्त सिविक सेंटर पर निर्णय होता है तो कार्य जोर पकड़ सकता है।
विवाद उच्च न्यायालय जबलपुर तक पहुंचा था
एमआईसी सदस्य की ओर से हाईकोर्ट में यह सवाल उठाया गया कि सिविक सेंटर जैसे मामले में अंतिम निर्णय का अधिकार एमआईसी को है अथवा परिषद को। करीब दो वर्ष तक मामला लंबित रहने के बाद निर्णय परिषद के अधिकार क्षेत्र की ओर गया और अब 14 अक्टूबर की बैठक में परियोजना का भविष्य तय होगा। इधर भाजपा पार्षद महापौर के रुख को लेकर सवाल उठा रहे हैं। आरोप लगाया जा रहा है कि महापौर की आपत्ति के कारण परियोजना अनावश्यक रूप से लंबित हुई। विपक्षी पार्षदों का यह भी आरोप है कि यदि शुरुआत में ही निर्माण को लेकर स्पष्ट निर्णय लिया जाता तो दो वर्ष का समय बर्बाद नहीं होता। हालांकि महापौर पक्ष की ओर से परियोजना रोकने के पीछे अपने तर्क बताए जाते रहे हैं। अब निगाह परिषद की बैठक पर है। 14 अक्टूबर को होने वाला निर्णय यह स्पष्ट करेगा कि सिविक सेंटर एनसीएल ग्राउंड में आगे बढ़ेगा या परियोजना के स्वरूप और स्थान को लेकर नया रास्ता तलाशा जाएगा। फिलहाल 57 करोड़ की योजना एक बार फिर नगर निगम की सियासत के केंद्र में है।
इनका कहना:-
सिविक सेंटर के मामले में एमआईसी सदस्य न्यायालय गये थे, लेकिन अब न्यायालय के द्वारा परिषद को निर्णय लेने का निर्देश मिला है। 14 अक्टूबर को परिषद की बैठक बुलाई गई है, जहां परिषद निर्णय लेगा।
देवेश पण्डेय
अध्यक्ष, नपानि,सिंगरौली
