
छिंदवाड़ा। तामिया थाना क्षेत्र के कुर्सीढाना गांव में शुक्रवार को सेप्टिक टैंक में गैस रिसाव के कारण बड़ा हादसा हो गया। नवनिर्मित मकान के सेप्टिक टैंक की सेंटिंग खोलने के लिए नीचे उतरे दो मजदूर जहरीली गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गए। दोनों को गंभीर हालत में तामिया सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान एक मजदूर की मौत हो गई। वहीं दूसरे मजदूर को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल छिंदवाड़ा रेफर किया गया है। डॉक्टर के अनुसार उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार कुर्सीढाना गांव में नवनिर्मित मकान में सेप्टिक टैंक का निर्माण कार्य चल रहा था। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे मजदूर मोहन कुमरे और दियालाल धुर्वे काम करने पहुंचे थे। दोनों मजदूर सेप्टिक टैंक की सेंटिंग खोलने के लिए टैंक के अंदर उतरे। इसी दौरान वे किसी अज्ञात गैस की चपेट में आ गए और टैंक के अंदर ही बेहोश होकर गिर पड़े।
मकान मालिक को हुआ संदेह ००००००
बताया जा रहा है कि दोनों मजदूरों के टैंक में उतरने के करीब एक घंटे बाद भी जब वे बाहर नहीं आए तो मकान मालिक को संदेह हुआ। उन्होंने मौके पर जाकर देखा तो दोनों मजदूर सेप्टिक टैंक के अंदर बेहोशी की हालत में पड़े थे। इसके बाद आसपास के लोगों की मदद से दोनों को टैंक से बाहर निकाला गया और तत्काल तामिया सिविल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने दोनों का उपचार शुरू किया। उपचार के दौरान मोहन कुमरे की मौत हो गई। वहीं दियालाल धुर्वे की हालत को देखते हुए उसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल छिंदवाड़ा रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत स्थिर है।
कौन सी गैस थी, जांच के बाद होगा खुलासा ००००००
हादसे के बाद सेप्टिक टैंक में मौजूद गैस को लेकर सवाल उठ रहे हैं। प्रारंभिक तौर पर गैस रिसाव को ही दोनों मजदूरों के बेहोश होने की वजह माना जा रहा है। हालांकि टैंक में कौन सी गैस मौजूद थी और उसके कारण यह हादसा कैसे हुआ, इसका स्पष्ट पता जांच के बाद ही चल सकेगा। अस्पताल प्रबंधन की ओर से घटना की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी गई है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि सेप्टिक टैंक में किस गैस का रिसाव हुआ था और उसकी वजह से मजदूरों की तबीयत बिगड़ी।
