नयी दिल्ली, 02 अक्टूबर (वार्ता) अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने गुरुवार को बताया कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता अब आखिरी चरण में है, हालांकि अभी तुरंत किसी समझौते की उम्मीद नहीं है।
अमेरिका के मिल्वौकी में जी20 देशों के व्यापार मंत्रियों की बैठक के बाद श्री ग्रीर ने स्पष्ट किया कि दोनों पक्ष कुछ बचे हुए मुद्दों को सुलझाने पर काम कर रहे हैं। वार्ताकारों ने असहमति वाले मुद्दों को कम करने में सफलता प्राप्त की है और बाकी बचे मुद्दों को सुलझाने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बातचीत खत्म होने के करीब है, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया कि तुरंत समझौते की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। ग्रीर ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही फिर से बातचीत कर सकते हैं ताकि बातचीत की स्थिति और उनकी टीमों द्वारा की गयी प्रगति का जायजा लिया जा सके।
इससे पहले, जी20 बैठक में शामिल होने अमेरिका गए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी प्रस्तावित व्यापार समझौते को ‘लगभग पूरा’ बताया था। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया था कि समझौते को अंतिम रूप देने से पहले भारत अन्य निर्यातक देशों की तुलना में प्रतिस्पर्धी आयात शुल्क की स्थिति चाहता है।
श्री ग्रीर और श्री गोयल की इस बैठक से इतर मुलाकात के दौरान बातचीत का मुख्य फोकस भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते के व्यापक ढांचे के तहत एक अंतरिम व्यापार समझौते को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने पर था।
दोनों पक्षों ने बातचीत को रचनात्मक बताया और कहा कि दोनों देशों के अधिकारी बातचीत जारी रखे हुए हैं। श्री गोयल ने बैठक को उपयोगी बताया और कहा कि बातचीत का मकसद दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद अंतरिम समझौते तक पहुंचना था।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले 30 सितंबर को श्री मोदी और श्री ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। इस बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और महत्वपूर्ण तकनीकों सहित कई द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की।
