पेरिस, 02 अक्टूबर (वार्ता) फ्रांस में शुक्रवार को पूरे लगभग 400 स्कूल बंद रहे। कर्मचारियों की कमी, कक्षा में ज़्यादा बच्चे और स्कूलों की खराब हालत को लेकर हाई स्कूल के छात्रों का देशव्यापी विरोध प्रदर्शन और तेज़ हो गया और कई शहरों में छात्रों व पुलिस के बीच झड़प की खबरें भी सामने आईं। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, विरोध-प्रदर्शन शुरू होने के बाद से अब तक लगभग 3,000 हाई स्कूल छात्रों को पुलिस हिरासत में लिया गया है; इनमें से 1,949 छात्रों को अकेले गुरुवार को ही हिरासत में लिया गया।
‘फ़्रांस 24’ की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले सप्ताह पेरिस इलाके में शुरू हुआ विरोध-प्रदर्शन पूरे देश में फैल गया और तेज़ी से हिंसक होता जा रहा है। शिक्षा मंत्री एडुआर्ड गेफ़्रे ने कहा कि आज फ़्रांस के 3,700 हाई स्कूलों में से लगभग 400 के बंद रहने की उम्मीद है जबकि करीब 100 स्कूलों को भारी नुकसान पहुंचा है। आग लगने से पेरिस में दो हाई स्कूलों के प्रवेश द्वार क्षतिग्रस्त हो गए जबकि ब्रेस्ट में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस छोड़े। स्ट्रासबर्ग, मार्सिले, नेंट्स और अन्य शहरों में भी झड़पों की खबरें मिलीं।
न्याय मंत्री जेराल्ड डारमानिन ने सरकारी वकीलों से कहा है कि वे बच्चों द्वारा कथित रूप से किए गए नुकसान के लिए उनके माता-पिता के खिलाफ़ नागरिक दायित्व के दावे करें। शिक्षा मंत्री गेफ़्रे ने बताया कि कम से कम 65 कर्मचारी, जिनमें 40 हाई स्कूल प्रधानाध्यापक भी शामिल हैं, घायल हुए हैं जबकि लगभग 170 छात्र भी घायल हुए हैं। उन्होंने इस हिंसा को बहुत हिंसक चरमपंथी समूहों द्वारा छात्र आंदोलन पर कब्ज़ा करने की कोशिश करार दिया। छात्रों ने स्कूल के लंबे समय, बहुत ज़्यादा भीड़ वाली क्लास, शिक्षकों की कमी, कर्मियों की अनुपस्थिति और सुविधाओं की कमी को लेकर चिंता व्यक्त की है। छात्रों ने अपने स्कूलों के बंद होने को एक कामयाबी माना और पुलिस पर ज़रूरत से ज़्यादा बल प्रयोग करने का आरोप लगाया।
फ्रांस में 2027 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले इन विरोध प्रदर्शनों ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। सरकार ने कट्टर-वामपंथी पार्टी ‘फ्रांस अनबोउड’ (एलएफआई) पर इस आंदोलन को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। एलएफआई के नेता मैनुअल बॉम्पार्ड ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि सरकार साजिश की कहानी का सहारा ले रही है। शिक्षा मंत्री आज बातचीत शुरू करने और तनाव कम करने की कोशिश में शिक्षा संघों और हाई स्कूल छात्र संघों से मिलने वाले हैं।

