
नयी दिल्ली, 02 अक्टूबर (वार्ता) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर शुक्रवार को उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
श्री खरगे और श्री गांधी ने बापू की समाधि स्थल राजघाट तथा श्री शास्त्री के समाधि स्थल विजय घाट जाकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। श्री खरगे ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि बापू का संपूर्ण जीवन सत्य, अहिंसा, करुणा और सेवा का ऐसा प्रकाशस्तंभ है, जो हर युग में मानवता का मार्ग प्रशस्त करता रहेगा। उन्होंने कहा कि गांधीजी ने सत्य को शक्ति, अहिंसा को साहस और सत्याग्रह को अन्याय के विरुद्ध सबसे प्रभावशाली अस्त्र बनाया तथा भारत के स्वतंत्रता संग्राम को दिशा देने के साथ पूरी दुनिया को मानवता, करुणा और शांति का मार्ग दिखाया।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि सादगी, सत्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के प्रतीक श्री शास्त्री का जीवन भारत के लिए समर्पण की अद्भुत मिसाल है। भूमि सुधारों से लेकर हरित एवं दुग्ध क्रांति की नींव मजबूत करने, रेलवे में तीसरी श्रेणी समाप्त करने, बसों में महिलाओं के लिए सीटों की व्यवस्था करने और 1965 के युद्ध में देश को दृढ़ नेतृत्व देने तक राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने कहा कि गांधीवादी मूल्यों और उच्च विचारों से परिपूर्ण श्री शास्त्री का सरल जीवन देशवासियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।
श्री गांधी ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि सत्य, अहिंसा और निर्भयता ही बापू की सबसे बड़ी विरासत है। बापू ने सिखाया है कि अन्याय के सामने कभी झुकना नहीं तथा सत्य और अहिंसा के साथ डटे रहना ही सच्ची ताकत है।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा देकर उन्होंने देशवासियों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा का संकल्प लिया और देश को नई राह दिखाई। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी की सादगी और देश के प्रति उनका समर्पण हमेशा हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे।
