रायपुर, 10 अगस्त (वार्ता) छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में वोटर लिस्ट मामले में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को कड़ा जवाब देते हुए कहा कि श्री राहुल गांधी अनर्गल मुद्दा उठाकर भाग जाते हैं, अपनी बात को सही साबित नहीं कर पाते। उनकी इस पुरानी आदत को देश की जनता जान चुकी है।
श्री साव ने कहा कि चुनाव आयोग ने श्री राहुल गांधी को बार-बार नोटिस दिया कि, आप अपनी बातों को साबित करें। सबूत देकर प्रमाणित करें, लेकिन उन्होंने आयोग को अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है। उलटे वह कहते है कि मैंने संविधान की शपथ ली है, इसलिए मेरी बात को सही मानो। आप जो कहेंगे उसे कैसे सही माना जाए, इसे तो सबूत देकर साबित करना पड़ेगा। दरअसल श्री गांधी सबूत देने से भाग रहे हैं। श्री गांधी की भागने की पुरानी आदत है।
श्री साव ने कहा कि, वे संसद में कोई मुद्दा उठाएंगे और फिर भाग जाएंगे। जनता के बीच कुछ मुद्दा उठाएंगे फिर भाग जाएंगे। अब वोटर लिस्ट पर सवाल उठाया है, चुनाव आयोग उनकी बातों को सुनना चाहती है, उनको सबूत और तथ्य देने को कह रहे हैं लेकिन वह भाग रहे हैं। इसका मतलब है कि वो केवल भ्रम फैला रहे हैं, इनके झूठ और भ्रम पर देश की जनता नहीं आने वाली है।
श्री साव ने कहा कि कांग्रेस जब चुनाव जीतती है तो कोई प्रश्न नहीं करती और जब चुनाव हारती है तो ईवीएम पर ही सवाल उठाना शुरू कर देते हैं। वहीं उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि, ईवीएम पर कोई छेड़छाड़ नहीं हो सकती, इसके बाद ईवीएम को दोष देना छोड़ दिया। अब कांग्रेस वोटर लिस्ट पर आ टपके है। जबकि वोटर लिस्ट तैयार करने की एक वैधानिक प्रक्रिया है। साव ने बताया कि, मतदाता सूची का पहले प्रकाशन होता है। दावा आपत्ति मंगाई जाती है। फिर उसका निराकरण होता है। निराकरण से कोई असंतुष्ट है तो अपील का भी प्रावधान है। ये सारी वैधानिक प्रक्रिया वोटर लिस्ट तैयार करने में अपनाई जाती है। और जब सारे चुनाव सम्पन्न हो गए हैं तो वोटर लिस्ट पर प्रश्न उठाकर कांग्रेस क्या साबित करना चाहते हैं।
कांग्रेसी पहले कहते थे कि बैलेट पेपर से चुनाव होना चाहिए, जब बैलेट पेपर से चुनाव हुआ तो उसमें भी वे बुरी तरह से हार गए। और अब इनके पास ना ईवीएम बचा है और ना ही बैलेट पेपर। अब ये वोटर लिस्ट पर पहुंच गए हैं जबकि वोटर लिस्ट तैयार करने में वैधानिक प्रक्रिया अपनाई जाती है इसलिए कांग्रेसियों की बातों पर किसी को यकीन नहीं कर रहा।
कांग्रेसी पहले कहते थे कि बैलेट पेपर से चुनाव होना चाहिए, जब बैलेट पेपर से चुनाव हुआ तो उसमें भी वे बुरी तरह से हार गए। और अब इनके पास ना ईवीएम बचा है और ना ही बैलेट पेपर। अब ये वोटर लिस्ट पर पहुंच गए हैं जबकि वोटर लिस्ट तैयार करने में वैधानिक प्रक्रिया अपनाई जाती है इसलिए कांग्रेसियों की बातों पर किसी को यकीन नहीं कर रहा।
