आज पर्यटकों के लिए खोल दिए गए पेंच नेशनल पार्क के गेट

छिंदवाड़ा. बारिश के मौसम में पेंच नेशनल पार्क के गेट पर्यटकों के लिए बंद कर दिए गए थे. बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद अब पेंच नेशनल पार्क के गेट पर्यटकों के लिए खोल दिए गए है. आज पेंच नेशनल पार्क के कोर एरिए में स्थित जमतरा गेट पर सफारी का लुफ्त उठाने के लिए पर्यटक पहुंचे. जमतरा गेट में पर्यटन सीजन का शुभारंभ अत्यंत भव्य एवं सार्थक तरीके से किया गया. प्रवेश द्वार पर बाघिन दीदी, पेंच मित्र दल के सदस्य तथा महिला गाइडों द्वारा पूजा-अर्चना के साथ सफारी का औपचारिक उद्घाटन किया गया. बाघिन दीदी पहल के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है. बाघिन दीदी ग्रामीण क्षेत्रों में वन्यजीव संरक्षण, मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम तथा जागरूकता के संदेश को प्रभावी ढंग से पहुंचाएंगी. आज सफारी शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र संचालक देवाप्रसाद जे , उपसंचालक पुनीत गोयल, सहायक संचालकों तथा समस्त वन परिक्षेत्र अधिकारियों भी उपस्थित रहे. इस अवसर पर अधिकारियों ने पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं एवं सुरक्षित अनुभव प्रदान करने का आश्वासन दिया. पेंच प्रबंधन इस वर्ष पर्यटन में और अधिक वृद्धि होने तथा पर्यटकों को उच्च गुणवत्ता वाला अनुभव उपलब्ध कराने की आशा व्यक्त करता है.टाईगर रिजर्व प्रबंधन का पूर्ण प्रयास है कि पर्यटन के साथ-साथ संरक्षण के लक्ष्य भी पूर्ण रूप से साधित हों.

पिछले वर्ष 2.17 लाख पर्यटकों ने किया था भ्रमण ०००००

पेंच टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है. पिछले वर्ष यहां कुल 2.17 लाख पर्यटकों ने भ्रमण किया था. वर्ष 2023 में किए गए एक अध्ययन के अनुसार, पेंच टाइगर रिजर्व में पर्यटन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को लगभग 254 करोड़ रुपये की आय प्राप्त होने का आकलन किया गया है. यह आंकड़ा न केवल पर्यटन की लोकप्रियता को दर्शाता है, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति पर इसके सकारात्मक प्रभाव को भी रेखांकित करता है.

काला तेंदुआ के लिए प्रसिद्ध है पेंच पार्क ००००

पेंच नेशनल पार्क में पाए जाने वाले वन्यप्राणियों में विशेष रूप से काला तेंदुआ के लिए प्रसिद्ध है. वर्तमान में पेंच में लगभग 79 वयस्क बाघ एवं 15 शावक स्वच्छंद रूप से विचरण कर रहे हैं, जो इस संरक्षित क्षेत्र की समृद्ध जैव-विविधता का प्रमाण हैं.

आजीविका का साधन है उपलब्ध ०००००

पेंच नेशनल पार्क के माध्यम से स्थानीय ग्रामीणों को आजीविका के स्थायी एवं सम्मानजनक साधन उपलब्ध होते हैं. साथ ही, पर्यटकों एवं आम नागरिकों में वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता एवं सकारात्मक भावना का विकास भी होता है. मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने तथा संरक्षण के प्रति जन-सहभागिता बढ़ाने में पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका है.

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