ग्वालियर: सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन फाइलें अब किसी अधिकारी या कर्मचारी की टेबल पर अनिश्चितकाल तक नहीं अटक सकेंगी। वित्त विभाग ने राज्य केन्द्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल के तहत ऑनलाइन पेंशन प्रकरणों के निपटारे के लिए क्रियेटर, वेरीफायर और एप्रूवर—तीनों स्तरों पर अधिकतम समय-सीमा तय कर दी है। तय अवधि में कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित स्तर की जवाबदेही निर्धारित की जाएगी।
नए पेंशन प्रकरण को तीनों स्तरों से गुजरते हुए अधिकतम 15 कार्य दिवस में पूरा करना होगा। क्रियेटर, वेरीफायर और एप्रूवर के लिए पांच-पांच कार्य दिवस तय किए गए हैं। पुनरीक्षित पेंशन के मामलों में यह अवधि 10 कार्य दिवस, जबकि वेतन निर्धारण के प्रकरणों में 11 कार्य दिवस होगी।वित्त विभाग की समीक्षा में विभिन्न संभागीय और जिला कार्यालयों में पेंशन प्रकरणों के लंबे समय तक लंबित रहने की स्थिति सामने आने के बाद यह व्यवस्था लागू की गई है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन शुरू होने में देरी रोकने के लिए अग्रिम पेंशन प्रकरण भी समय-सीमा में तैयार किए जाएं। नई व्यवस्था का सीधा संदेश है कि पेंशन कर्मचारी का अधिकार है और उसके प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित रखने पर अब जिम्मेदारी भी तय होगी।
