नयी दिल्ली, 01 अक्टूबर (वार्ता) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को कहा कि कहा कि स्वच्छता किसी एक दिन या विशेष अभियान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे नियमित आदत और सामूहिक जिम्मेदारी बनाया जाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने आज ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026’ के तहत आयोजित ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ अभियान में कमला नेहरू रिज पहुंचकर श्रमदान किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर देशभर में लोग सेवा के विभिन्न कार्यों में भाग ले रहे हैं। सुबह आठ से नौ बजे के निर्धारित समय में दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में भी हजारों लोगों ने स्वच्छता सहित विभिन्न गतिविधियों में योगदान दिया।
उन्होंने कहा कि सड़क या सार्वजनिक स्थान पर कचरा फेंकने जैसी छोटी लापरवाही का प्रभाव आसपास के लोगों और पूरे वातावरण पर पड़ता है। स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन और नागरिकों को अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। सफाई कर्मचारियों और संबंधित एजेंसियों को नियमित सफाई सुनिश्चित करनी होगी, वहीं नागरिकों का भी दायित्व है कि वे सार्वजनिक स्थानों को गंदा न करें और सफाई बनाये रखें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कमला नेहरू रिज और विश्वविद्यालय क्षेत्र में विद्यार्थियों, शिक्षकों और नागरिकों के साथ किया गया सामूहिक श्रमदान इसी भावना का उदाहरण है। युवा शक्ति की भागीदारी स्वच्छता अभियानों को व्यापक जनभागीदारी में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने दिल्लीवासियों से अपने घर, सड़क, गली, पार्क, बाजार और आसपास के सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एक घंटे का श्रमदान तभी सार्थक होगा, जब उसके बाद पूरे वर्ष स्वच्छता बनाए रखने की आदत कायम रहे।

