UPSC के शताब्दी समारोह में पीएम मोदी ने जारी किया स्मारक सिक्का और डाक टिकट, कैप्टन स्मित की बहादुरी की सराहना

नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) के शताब्दी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। अपने इस ऐतिहासिक संबोधन की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री ने हाल ही में फ्लाईदुबई की उड़ान में अदम्य साहस का परिचय देने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर का विशेष रूप से जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भी कैप्टन स्मित की बहादुरी की प्रशंसा की है, जिन्होंने अपनी सूझबूझ से विमान में एक बड़ी त्रासदी को टालकर दुनिया भर में भारत का मान बढ़ाया है।

UPSC के 100 साल पूरे होने पर खास डाक टिकट, सिक्का और विशेष पुस्तक का विमोचन, अटूट भरोसे का प्रतीक

इस विशेष अवसर पर यूपीएससी के 100 वर्षों के गौरवशाली सफर को यादगार बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने एक स्मारक डाक टिकट, एक विशेष सिक्का और एक स्मृति ग्रंथ का अनावरण किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक सदी में पीढ़ियां और सरकारें बदलीं, तकनीक और पाठ्यक्रम में भी बदलाव आए, लेकिन इस संवैधानिक संस्था पर देश का भरोसा हमेशा अटूट रहा है। उन्होंने कहा कि यह दिन सिर्फ 100 साल का जश्न नहीं है, बल्कि यह देश के करोड़ों युवाओं की उम्मीदों और इस संस्था की पारदर्शिता का उत्सव है, जो देश को ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी देता है।

ली कमीशन की सिफारिशों से शुरू हुआ था सफर, दो दिवसीय सम्मेलन में देश भर के प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी ले रहे हैं हिस्सा

उल्लेखनीय है कि 1924 के ली कमीशन की सिफारिशों के आधार पर सर रॉस बार्कर की अध्यक्षता में 1 अक्टूबर 1926 को देश में पहले पब्लिक सर्विस कमीशन की स्थापना की गई थी, जो समय के साथ विकसित होकर वर्तमान में यूपीएससी के रूप में देश की रीढ़ बना हुआ है। इस दो दिवसीय शताब्दी समारोह में देश भर के विभिन्न राज्यों के पब्लिक सर्विस कमीशन के अध्यक्ष, केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षाविद और प्रतिष्ठित प्रशासक हिस्सा ले रहे हैं, जो भविष्य की प्रशासनिक चुनौतियों और सुधारों पर व्यापक मंथन कर रहे हैं।

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