नई दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार को हुई विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (I.N.D.I.A.) की उच्चस्तरीय बैठक के बाद आगामी राजनीतिक रणनीतियों का ऐलान कर दिया गया है। बैठक में शामिल सभी घटक दलों ने मिलकर काम करने का संकल्प लेते हुए आगामी अक्टूबर और नवंबर के महीनों में देश भर में पांच बड़ी रैलियां आयोजित करने की घोषणा की है। इसके अलावा, 2 से 8 अक्टूबर तक जिला स्तर पर ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ (Save Democracy March) निकाला जाएगा, जिसके तहत मतदाता सूची, चुनाव प्रक्रिया और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को जोर-शोर से जनता के बीच उठाया जाएगा।
राहुल गांधी बोले- लोकतंत्र को बर्बाद करने वालों को मिलकर सजा दिलाएंगे, विपक्ष ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बैठक के बाद प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि इंडिया गठबंधन के सभी नेताओं का यह पक्का वादा है कि भारतीय लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने वाले जिम्मेदारों को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें सजा दिलाई जाएगी। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोलते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि चुनाव आयोग सत्ता पक्ष के इशारों पर काम कर रहा है और पिछले कुछ महीनों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान करोड़ों मतदाताओं के नाम बिना उचित पारदर्शिता के सूची से हटाए गए हैं।
भविष्य के चुनावों के लिए ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से मतदान कराने की पुरजोर मांग, एकजुट होकर उतरेगा विपक्ष
विपक्षी गठबंधन ने बैठक में स्पष्ट किया कि वे भविष्य के सभी चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) के बजाय दोबारा बैलेट पेपर (मतपत्र) से मतदान प्रणाली बहाल करने की अपनी मांग पर कायम रहेंगे। साथ ही, यह भी तय किया गया कि विपक्षी सांसद 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकालेंगे और राष्ट्रपति से मिलकर इस पूरे मामले पर ज्ञापन सौंपेंगे। गठबंधन के नेताओं ने विश्वास जताया कि आने वाले महीनों में वे देश की जनता को यह समझाने में पूरी तरह सफल रहे हैं कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बेहद जरूरी है और वे अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह एकजुट हैं।

