नयी दिल्ली, 30 सितंबर (वार्ता) राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने पराली जलाने की रोकथाम, वाहनों तथा औद्योगिक उत्सर्जन को नियंत्रित करने और धूल प्रदूषण कम करने की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की है।
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि सीएक्यूएम की बैठक में एनसीआर राज्यों, दिल्ली सरकार और संबंधित कार्यान्वयन एजेंसियों द्वारा किए जा रहे उपायों और अनुपालन की स्थिति की समीक्षा की गयी। बैठक में पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में धान की पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए तैयारियों का जायजा लिया गया। इसके तहत फसल विविधीकरण, धान की सीधी बुवाई (डीएसआर), फसल अवशेषों के उपयोग तथा किसानों के बीच जागरूकता और सूचना एवं संचार शिक्षा गतिविधियों को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
आयोग ने संबंधित एजेंसियों से पराली जलाने की घटनाओं की रोकथाम के लिए निर्धारित कार्ययोजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा। साथ ही दिल्ली में प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध, स्वच्छ परिवहन साधनों को बढ़ावा देने तथा पुराने और समय-सीमा पार कर चुके वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की भी समीक्षा की गयी।
सीएक्यूएम ने एनसीआर में एक अक्टूबर से वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) के बिना वाहनों में ईंधन भरने पर प्रतिबंध लागू करने के लिए पेट्रोल पंपों पर स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) प्रणाली की तैयारियों की भी समीक्षा की। मोटर वाहन एग्रीगेटरों, डिलीवरी सेवा प्रदाताओं और ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा स्वच्छ गतिशीलता को बढ़ावा देने संबंधी नियमों के अनुपालन की जांच के लिए अचानक निरीक्षण की स्थिति पर भी चर्चा हुई। शीर्ष न्यायालय के निर्देशों के तहत पुराने वाहनों को जब्त करने और स्क्रैप करने की कार्रवाई तेज करने तथा 31 दिसंबर तक एनसीआर जिलों से डीजल ऑटो-रिक्शा हटाने की दिशा में हुई प्रगति का भी जायजा लिया गया।
बैठक में पत्थर तोड़ने वाली इकाइयों, उद्योगों और डीजल जनरेटर सेट से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण, कड़े औद्योगिक उत्सर्जन मानकों के पालन और प्रमुख क्षेत्रों में धूल हटाने के लिए अतिरिक्त यांत्रिक सड़क सफाई मशीनों की तैनाती पर भी जोर दिया गया। निर्माण एवं विध्वंस स्थलों, उद्योगों और डीजी सेटों के अचानक निरीक्षण तथा सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त प्रदूषण संबंधी शिकायतों के समयबद्ध निपटारे की स्थिति की समीक्षा की गयी। सीएक्यूएम ने सभी संबंधित एजेंसियों को आगामी शीत ऋतु को ध्यान में रखते हुए आयोग के वैधानिक निर्देशों का सख्त, समन्वित और समयबद्ध तरीके से पालन सुनिश्चित करने तथा निरीक्षण और अनुपालन निगरानी तंत्र को मजबूत करने के निर्देश दिये।
