भोपाल। MP नगर स्थित DB मॉल के सामने बिजली के पोल से करंट लगने से 30 वर्षीय दिव्यऋषि तिवारी की मौत के बाद अब इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग में हादसे वाली जगह से करीब 50 मीटर के दायरे में कई पोल के तार और कनेक्शन खुले नजर आए।
हादसे के बाद संबंधित पोल को त्रिपाल से ढक दिया गया, बैरिकेडिंग की गई और चेतावनी पोस्टर लगाए गए। वहीं पुलिस की प्रथम दृष्टया जांच में सामने आया है कि बिजली का खंभा और लोहे की रॉड उपेक्षापूर्ण ढंग से खुली छोड़ी गई थी। पुलिस के मुताबिक, खंभे और रॉड में करंट आने की संभावना का सुरक्षा परीक्षण और ऑडिट नहीं किया गया था।
मामले में पुलिस ने उपेक्षापूर्ण कार्य से मौत होने के आरोप में अज्ञात के खिलाफ धारा 106(1) BNS के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। संबंधित एजेंसी की जानकारी जुटाकर जिम्मेदारी तय की जा रही है।
पूर्व नगर निगम अधिकारी जेपी माली के अनुसार, ऐसे स्ट्रीट लाइट पोल के मेंटेनेंस और सुरक्षा की जिम्मेदारी नगर निगम और बिजली विभाग दोनों की होती है। वहीं नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन का कहना है कि हादसे से पहले इस पोल को लेकर कोई शिकायत नहीं मिली थी। पुलिस का कहना है कि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अब बड़ा सवाल यही है कि नियमों और सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद खुले तारों और पोल की जांच समय पर क्यों नहीं हुई और इस लापरवाही की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
