रीवा:रीवा शहर में बीहर नदी के संरक्षण और हाल ही में आई भीषण बाढ़ के बाद प्रशासनिक अमला पूरी तरह सख्त रुख अपनाए हुए है. नगर निगम प्रशासन ने बीहर नदी के किनारे बसे पुष्पराज नगर के सैकड़ों रहवासियों को बेदखली और ध्वस्तीकरण की नोटिस थमा दी है. प्रशासन का दावा है कि ये तमाम मकान नदी के ‘ग्रीन बेल्ट’के दायरे में आते हैं और इन्हें अतिक्रमण मानकर हटाने की तैयारी की जा रही है. फिलहाल इस अचानक हुई कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हडक़ंप मच गया है और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है. नगर निगम की नोटिस मिलते ही पुष्पराज नगर के रहवासियों का गुस्सा फूट पड़ा है.
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने जीवनभर की गाढ़ी कमाई लगाकर ये जमीनें खरीदीं, बकायदा शासन के नियमों के तहत जमीन की रजिस्ट्री कराई, नगर निगम से नक्शा पास करवाकर भवन निर्माण की अनुमति ली और सालों से नियमित रूप से संपत्तिकर और जलकर दे रहे हैं. लोगो ने कहा कि जब हम घर बना रहे थे और नगर निगम हमसे टैक्स वसूल रहा था, तब प्रशासनिक अधिकारी सो रहे थे क्या? आज अचानक हमारे वैध आशियानों को अवैध बताकर जमींदोज करने की धमकी दी जा रही है, जो पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है.
50 मीटर के भीतर किसी भी प्रकार के पक्के या स्थाई निर्माण पर पूरी तरह से प्रतिबंध है. रीवा कलेक्टर के निर्देश पर हुए हालिया सर्वे के बाद ही इस दायरे में आने वाले मकानों को चिन्हित कर नोटिस जारी की गई है. हलाकि रीवा के महापौर ने इस एकतरफा कार्रवाई का विरोध किया है. उनका कहना है कि यदि कार्रवाई करनी है, तो समान रूप से सभी पर होनी चाहिए. उन्होंने सबसे पहले नदी के बीचों-बीच स्थित इको पार्क के निर्माण को हटाने की मांग की है, जो नियमों के उल्लंघन और पेड़ों की कटाई को लेकर पहले से ही विवादों में घिरा हुआ है. गत माह आई भीषण बाढ़ के बाद प्रशासन की नींद टूटी और वार्ड 5 हमीदिया कालोनी में भी दो दर्जन से अधिक लोगो को नोटिस थमाई गई थी. लेकिन विरोध के चलते कार्यवाही फिलहाल थमी हुई है. लोगो ने जेसीबी वापस करा दी थी.
