
छिंदवाड़ा. स्वाइन फ्लू से एक मरीज की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग और आम लोगों में चिंता बढ़ गई है। मरीज को तीन दिन पहले जिला अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उसकी हालत लगातार नाजुक बनी हुई थी। चिकित्सकों के प्रयास के बावजूद मरीज की जान नहीं बचाई जा सकी। मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने संक्रमण से बचाव के लिए एहतियाती कदम उठाते हुए शव को पूरी तरह पैक कर परिजनों को सौंप दिया। मरीज की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से संक्रमण की रोकथाम को लेकर किए जा रहे इंतजामों पर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जा रहे हैं। एक मरीज की मौत के बाद जिला अस्पताल प्रबंधन ने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें संक्रमण से बचाव के लिए भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का उपयोग करने और नियमित रूप से सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। साथ ही खांसी-जुकाम या बुखार जैसे लक्षण होने पर लापरवाही नहीं बरतने को कहा गया है।
डेंगू के 15 मरीज मिले ००००००
इधर, जिला अस्पताल में डेंगू के भी 15 मरीज पॉजिटिव पाए गए हैं। एक ओर स्वाइन फ्लू का मामला सामने आने और मरीज की मौत तथा दूसरी ओर डेंगू के मरीज मिलने से अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं और संक्रमण नियंत्रण को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग की निगरानी टीमों द्वारा स्थिति पर नजर रखे जाने की बात कही जा रही है।
स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षण ००००००
स्वाइन फ्लू, जिसे इन्फ्लूएंजा ए भी कहा जाता है, में सामान्य फ्लू जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इनमें तेज बुखार या ठंड लगना ,खांसी और गले में खराश ,नाक बहना या नाक बंद होना ,सिरदर्द और शरीर में दर्द ,अत्यधिक थकान कुछ मामलों में उल्टी या दस्त गंभीर स्थिति में सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, लगातार तेज बुखार या ऑक्सीजन स्तर कम होने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षणों में तत्काल चिकित्सकीय परामर्श जरूरी है।
संक्रमण से ऐसे करें बचाव ०००००००
स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का इस्तेमाल करना, हाथों को साबुन-पानी से बार-बार धोना या सैनिटाइजर का उपयोग करना उपयोगी है। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढंकना चाहिए। बीमारी के लक्षण होने पर दूसरों के संपर्क में आने से बचें और चिकित्सक की सलाह के अनुसार जांच व उपचार कराएं। स्वास्थ्य विभाग के सामने चुनौती यह है कि स्वाइन फ्लू और डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण और मरीजों की निगरानी को प्रभावी बनाए रखा जाए।
इनका कहना है
जिला अस्पताल के आईसीयू वार्ड में पिछले तीन दिनों से स्वाइन फ्लू का एक मरीज का उपचार किया जा रहा था। उपचार के दौरान मरीज की हालत में सुधार नही हो सका। आज उपचार के दौरान मरीज की मौत हो गई।
डॉ. कंचन दुबे
सिविल सर्जन जिला अस्पताल छिंदवाड़ा
