चेन्नई/नयी दिल्ली, 29 सितंबर (वार्ता) केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के साथ मिलकर नीरव मोदी पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी मामले में ‘रेड नोटिस’ वाले आरोपी संदीप मिस्त्री को संयुक्त अरब अमीरात से भारत वापस लाने में सफलता हासिल की है।
गौरतलब है कि संदीप मिस्त्री सीबीआई की मुंबई स्थित बीएसएफबी शाखा द्वारा दर्ज नीरव मोदी घोटाले के मामले में वांछित था। उस पर फर्जी अंतरराष्ट्रीय व्यापार लेनदेन के ज़रिए बैंक धोखाधड़ी में शामिल होने का आरोप है। वह विभिन्न संस्थाओं के बीच एक अहम कड़ी के रूप में काम करता था। उनके रोज़मर्रा के कामकाज की देखरेख करता था और सबूत छिपाने के लिए गुप्त, खुद-ब-खुद डिलीट होने वाले संचार मंच के ज़रिए निर्देश देता था। उसने हीरे, सोने और मोती के गहनों के फर्जी व्यापार को असली दिखाने के लिए जाली आयात-निर्यात दस्तावेज़ तैयार करने में भी मदद की थी।
इसके अलावा उसने और अन्य आरोपियों ने विदेशी कंपनियों के नाममात्र के निदेशकों को गिरफ्तारी की धमकी देकर और उन्हें दूसरी जगहों पर भेजकर, उनके इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ज़ब्त करके और उन्हें ऐसे दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर करके डराया-धमकाया, जिनमें उन्हें कंपनियों का असली मालिक दिखाया गया था। सीबीआई ने बताया कि उसने संयुक्त अरब अमीरात में नाममात्र की कंपनियों के बैंक खातों से पैसे निकालने में भी हिस्सा लिया था।
इस मामले में सक्षम अदालत के सामने आरोपपत्र दाखिल कर दिया गया है। सीबीआई के अनुरोध पर इस साल जुलाई में इंटरपोल के ज़रिए मिस्त्री के खिलाफ ‘रेड नोटिस’ जारी किया गया था। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों ने उसकी ठिकाने का पता लगाकर उसे गिरफ्तार किया और उसे भारत वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की।
दिलचस्प तथ्य यह रहा है कि उसके खिलाफ ‘रेड कॉर्नर नोटिस’ जारी होने के महज़ दो महीने के भीतर ही उसे ढूंढ लिया गया, पकड़ लिया गया और भारत वापस लाया गया, जो संबंधित एजेंसियों के बीच तेज़ और प्रभावी अंतरराष्ट्रीय तालमेल को दर्शाता है। उसे सोमवार की देर रात मुंबई हवाईअड्डा पर लाया गया और सीबीआई की मुंबई स्थित बीएसएफबी शाखा के अधिकारियों ने उसे हिरासत में ले लिया। मंगलवार को उसे सक्षम अदालत के सामने पेश किया गया और जेल भेज दिया गया।
