
धार । नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग, एसआईआर और मतदाता सूची को लेकर को लेकर दिए गए बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष सरदार सिंह मेड़ा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस झूठे एवं भ्रामक तथ्यों के आधार पर देश की संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जनता में भ्रम और अविश्वास पैदा करने का प्रयास कर रही है। लोकतंत्र में निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता और निष्पक्षता पर सवाल उठाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
चुनाव आयोग ने 26 सितंबर की बैठक में स्पष्ट कर दिया है कि एसआईआर से संबंधित निर्णय किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिया गया है। इसके बावजूद कांग्रेस और राहुल गांधी लगातार सवाल खड़े कर रहे हैं। जब चुनाव आयोग स्वयं अपना पक्ष स्पष्ट कर चुका है तो कांग्रेस किस आधार पर आरोपों को आगे बढ़ा रही है। एसआईआर के पूरे अभियान में अकेले मध्य प्रदेश के 65,014 पोलिंग बूथों पर 1,35,882 बूथ लेवल एजेंट तैनात रहे, जिनमें कांग्रेस और अन्य पार्टी के प्रतिनिधि भी शामिल थे। ऐसे में प्रक्रिया पर सवाल उठाना सीधे तौर पर जमीनी कार्यकर्ताओं के परिश्रम का अपमान है। ऐसे प्रशासनिक मामले को चुनाव प्रक्रिया से जोडक़र राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है। चुनाव आयोग के आईटी सिस्टम की सुरक्षा को लेकर उठाए गए सवालों पर उन्होंने कहा कि स्वतंत्र विशेषज्ञों की समिति के माध्यम से व्यवस्था की जांच की प्रक्रिया मौजूद है।
संस्थाओं पर बिना पर्याप्त तथ्यों के आरोप लगाकर जनता में अविश्वास पैदा करना लोकतंत्र के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार की आलोचना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को कमजोर करने का प्रयास स्वीकार्य नहीं हो सकता।
श्री मेड़ा ने कहा कि कांग्रेस को बार-बार मिल रही पराजय के बाद लोकतांत्रिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा करने के बजाय अपने नेतृत्व, नीतियों और कार्यशैली पर आत्ममंथन करना चाहिए।
देश की जनता अब जागरूक है और भ्रम फैलाने की इस राजनीति को भली-भांति समझती है।उक्त जानकारी भाजपा जिला मीडिया प्रभारी संजय शर्मा ने दी।
