
गुना। जिले के बीनागंज में सेवा संकल्प यात्रा के दौरान एक अनूठा और चर्चा का विषय बना वाकया सामने आया, जहां मंच पर कुर्सियों की कमी के चलते भाजपा जिलाध्यक्ष सहित तमाम वरिष्ठ अतिथियों को अपनी कुर्सियां छोड़कर मंच के नीचे आना पड़ा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में निकाली जा रही सेवा संकल्प यात्रा बीते दिन बीनागंज पहुंची थी। यहां एक विद्यालय में आयोजित खेल प्रतियोगिता के बाद मंचीय कार्यक्रम का आयोजन होना था, जिसके लिए मंच पर सात-आठ कुर्सियां लगाई गई थीं।
इन कुर्सियों पर भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह सिकरवार, जिला पंचायत अध्यक्ष अरविंद धाकड़ और चांचौड़ा विधायक प्रियंका मीना सहित अन्य प्रमुख नेता विराजमान हो गए। इसी दौरान विधायक की नजर पार्टी के एक मंडल अध्यक्ष पर पड़ी, जिन्हें मंच पर बैठने के लिए कुर्सी नहीं मिल पाई थी। विधायक ने उन्हें कुर्सी दिलाने के लिए मंच पर बैठे किसान मोर्चा के एक पदाधिकारी को इशारा करते हुए नीचे बैठने की बात कही, लेकिन मंच पर बैठे किसी भी पदाधिकारी के लिए अपनी कुर्सी छोड़ना संभव नहीं हो पाया।
स्थिति को भांपते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह सिकरवार खुद अपनी कुर्सी छोड़कर यह कहते हुए मंच से नीचे उतर आए कि वे खुद ही मंच से हट जाते हैं। जिलाध्यक्ष को ऐसा करते देख जिला पंचायत अध्यक्ष अरविंद धाकड़ सहित अन्य सभी अतिथि भी अपनी कुर्सियां छोड़कर मंच के नीचे आ गए। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के बीच विधायक ने मंच नहीं छोड़ा और बाद में सभी अतिथियों ने मंच के नीचे ही खड़े होकर खिलाड़ियों को पुरस्कार वितरित किए। इस अप्रिय और हास्यास्पद स्थिति के दौरान कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे गुना के पूर्व विधायक पन्नालाल शाक्य ने शुरुआत से ही मंच से दूरी बनाए रखी और दूर खड़े होकर पूरे घटनाक्रम का आनंद लेते रहे। राजनीतिक गलियारों में नेताओं के इस ‘कुर्सी प्रेम’ को लेकर अब तरह-तरह की चर्चाएं और छींटाकशी का दौर शुरू हो गया है।
