भोपाल। खानूगांव स्थित रियाज मंजिल कोठी और खसरा नंबर 42 की जमीन को शत्रु संपत्ति मानकर की जा रही कार्रवाई पर नोटिस धारियों ने वैधानिक आपत्ति दर्ज कराई है. सहायक अभिरक्षक शत्रु संपत्ति एवं एसडीएम संत हिरदाराम नगर के समक्ष पेश आपत्तियों में संपत्ति के मूल स्वामित्व और 29 अप्रैल 2024 को जारी बताए जा रहे शत्रु संपत्ति प्रमाण-पत्र की प्रामाणिकता की जांच की मांग की गई है. नोटिसधारियों का कहना है कि सरकारी राजस्व रिकॉर्ड में खसरा नंबर 42 की जमीन आफताब जहां बेगम के नाम दर्ज होने की स्थिति स्पष्ट नहीं है. आपत्तियों में भूमि का संबंध नवाब हमीदुल्लाह खान और बाद में नवाब बेगम साजिदा सुल्तान से बताए जाने का उल्लेख किया गया है. आपत्तियों में वर्ष 2020 के तहसीलदार के राजस्व प्रकरण का भी हवाला दिया गया है. इसमें आफताब जहां के पक्ष में कथित हिबा या दान के आधार पर नामांतरण के दावे को सिद्ध नहीं माना गया था. नोटिसधारियों ने कहा कि किसी संपत्ति में निवास करना और उसका कानूनी स्वामित्व होना अलग-अलग विषय हैं.
-मुंबई से रिकॉर्ड बुलाने की मांग
नोटिसधारियों ने 2024 के कथित शत्रु संपत्ति प्रमाण-पत्र की जांच के लिए मुंबई स्थित भारत के शत्रु संपत्ति कार्यालय से संबंधित फाइल, नोटशीट, अनुमोदन आदेश, संपत्ति सत्यापन रिपोर्ट और स्वामित्व संबंधी दस्तावेज बुलाने की मांग की है.
-हाईकोर्ट भी पहुंचा मामला
इधर आजम हसन खान की ओर से हाईकोर्ट में डब्ल्यूपी नंबर 39908/2026 दायर की गई है. आपत्तियों के अनुसार, 24 सितंबर को अदालत ने अगली तारीख तक संबंधित कारण बताओ नोटिस के आधार पर बलपूर्वक कार्रवाई नहीं करने के निर्देश दिए हैं. मामले में अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को होगी.
