
चितरंगी । थाना क्षेत्र के ग्राम हरफरी में सर्पदंश से एक 8 वर्षीय मासूम की मौत हो गई। घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सर्पदंश जैसी आपात स्थिति में लोग आज भी झाड़फूंक के चक्कर में कीमती समय गंवा देते हैं, जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चितरंगी में सर्पदंश की आवश्यक दवाएं उपलब्ध रहती हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम हरफरी निवासी अर्जुन सिंह गोंड़ ने पुलिस को सूचना दी कि उनका नाती सचिन सिंह गोंड़ उम्र 8 वर्ष पिता बाबूलाल सिंह गोड़ अपने घर में सो रहा था। रविवार की सुबह करीब 5 बजे सूचना मिली कि उसे किसी जहरीले सर्प ने काट लिया है। परिजन मौके पर पहुंचे तो सचिन चारपाई पर अचेत अवस्था में पड़ा था तथा चारपाई के नीचे एक सर्प भी मिला, जिसे ग्रामीणों ने मार दिया। इसके बाद परिजन बच्चे को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चितरंगी लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने सूचना के आधार पर मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
नही मिला शव वाहन, बाईक सहारा
मृतक बालक के पिता ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में उपचार के दौरान मौत हुई। चिकित्सक के द्वारा भी शव को घर तक पहुंचाने के लिए फोन लगाया गया, लेकिन शव वाहन नही मिलने से मोटरसाइकिल से सहारा लिया गया। जहां 25 किलोमीटर शव को मोटरसाइकिल से लेकर पिता अपने गांव के ही एक साथी के साथ घर पहुंचा। इस दौरान शव वाहन न मिलने पर लोगों ने जहां सरकार को घेरा है, वहीं 108 वाहन के दैयनीय हालत पर भी चिंता जाहिर करते हुए सवाल खड़ा किया। साथ ही ग्रामीणों ने इसकी जांच कराए जाने की मांग कलेक्टर से की है।
