
नीमच। नीमच जिले के महू-नसीराबाद मार्ग पर रावतखेड़ा फंटे के समीप रविवार देर शाम भीषण सडक़ हादसा हो गया। बिना पर्याप्त संकेतक और रिफ्लेक्टर के बिजली के खंभे लादकर जा रही ट्रैक्टर-ट्रॉली में पीछे से एक कार जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रॉली पर लदा बिजली का एक खंभा कार के अगले शीशे को चीरता हुआ पीछे के शीशे से बाहर निकल गया। हादसे में कार चालक 50 वर्षीय शरदचंद सुथार गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि उनकी पत्नी और 8 वर्षीय पोती बाल-बाल बच गईं।
जानकारी के अनुसार गिरदौड़ा निवासी शरदचंद सुथार अपनी पत्नी विद्या बाई और 8 वर्षीय पोती प्रियांशी के साथ मंदसौर में आयोजित सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होकर कार से गांव लौट रहे थे। रविवार देर शाम उनकी कार रावतखेड़ा फंटे के समीप पहुंची। इसी दौरान आगे चल रही बिजली के खंभों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली में उनकी कार पीछे से जा भिड़ी।
खंभा कार के अगले हिस्से को चीरता हुआ पीछे निकला
टक्कर के बाद ट्रॉली पर रखा बिजली का खंभा कार के अगले हिस्से को चीरते हुए अंदर घुस गया और पीछे के शीशे को पार कर बाहर निकल गया। हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास के ढाबा संचालक और राहगीर मौके पर पहुंचे। कार में फंसे घायलों को लोगों ने काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला और उपचार के लिए जिला चिकित्सालय पहुंचाया।
अस्पताल में शरदचंद सुथार की हालत गंभीर बताई गई है। वहीं उनकी पत्नी विद्या बाई और पोती प्रियांशी को मामूली चोटें आई हैं।
बिना सुरक्षा इंतजाम खंभों के परिवहन पर उठे सवाल
हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक वाहन छोडक़र मौके से फरार हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ट्रैक्टर बिजली कंपनी से जुड़े किसी ठेकेदार का बताया जा रहा है। ट्रॉली में बिजली के खंभों का परिवहन पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम और रेडियम संकेतक के बिना किए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में दुर्घटना के बाद भारी एवं लंबे विद्युत खंभों के परिवहन के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
घटना की सूचना मिलते ही नीमच सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया। पुलिस ने फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। दुर्घटना के कारणों और परिवहन के दौरान सुरक्षा नियमों के पालन की भी जांच की जा रही है।
