नई दिल्ली, भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न के मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू (सेशन) कोर्ट ने चार महिला पहलवानों की याचिका पर सुनवाई करते हुए बृजभूषण शरण सिंह और WFI के पूर्व सचिव विनोद तोमर को औपचारिक रूप से नोटिस जारी किया है। इस मामले की अगली महत्वपूर्ण सुनवाई आगामी 9 अक्टूबर को तय की गई है।
याचिका में ट्रायल कोर्ट के फैसले को दी गई चुनौती, सबूतों के गलत आकलन और रूढ़िवादी सोच का लगाया आरोप
बता दें कि इससे पहले 3 अगस्त को ट्रायल कोर्ट ने मजिस्ट्रेट स्तर पर सुनवाई के बाद बृजभूषण सिंह और विनोद तोमर को इस मामले से बरी कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ चार महिला पहलवानों ने सेशन कोर्ट में चुनौती दी है। दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि निचली अदालत ने गवाहों और सबूतों का सही तरीके से आकलन नहीं किया तथा छोटी-छोटी तकनीकी कमियों के आधार पर केस खारिज कर दिया। पहलवानों का तर्क है कि बरी करने का यह आदेश कानून की नजर में सही नहीं है और इसमें पुरानी रूढ़िवादी मानसिकता को आधार बनाया गया है।
साल 2023 से चला आ रहा है विवाद, खेल जगत और कानूनी गलियारों में एक बार फिर गरमाया मामला
यह पूरा बहुचर्चित विवाद वर्ष 2023 में सामने आया था, जब देश की कई शीर्ष महिला पहलवानों ने 2016 से 2022 के बीच कैंपों और प्रतियोगिताओं के दौरान बृजभूषण शरण सिंह पर अनुचित व्यवहार और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर चार्जशीट दाखिल की थी, जिस पर लंबे समय से कानूनी प्रक्रिया चल रही है। अब सेशन कोर्ट द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद इस मामले में एक बार फिर कानूनी हलचल तेज हो गई है और सभी की निगाहें 9 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं।

