भोपाल विकास योजना-2047 का प्रारूप प्रकाशित हो गया है। करीब 45 लाख की आबादी को ध्यान में रखकर तैयार इस योजना में शहर के विकास, रोजगार, ट्रैफिक, पार्किंग और पर्यावरण पर जोर दिया गया है।
योजना में करीब 3 हजार हेक्टेयर जमीन पर 51 किलोमीटर लंबे ग्रोथ कॉरिडोर का प्रस्ताव है। यह कॉरिडोर ईकेएआई सिटी, एयरपोर्ट, लॉजिस्टिक और व्यापार क्षेत्रों समेत आसपास के कई इलाकों को जोड़ने की योजना है। इसके आसपास होटल, आईटी, एआई, डेटा सेंटर, मॉल, ऑफिस, शिक्षा केंद्र और आवास जैसी सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव है।
ग्रोथ कॉरिडोर के आसपास विकास बढ़ने से जमीन के दाम बढ़ने और रोजगार के नए अवसर बनने को लेकर आम लोगों ने अपनी राय रखी। वहीं, लोगों के बीच यह सवाल भी है कि नए विकास के साथ ट्रैफिक का दबाव कितना बढ़ सकता है।
ट्रैफिक को देखते हुए कॉरिडोर में बीआरटीएस का प्रस्ताव है, जिसे आगे चलकर एमआरटीएस में बदला जा सकेगा। पार्किंग के लिए मल्टीलेवल और मैकेनाइज्ड पार्किंग जैसे विकल्प भी रखे गए हैं। साथ ही हरित क्षेत्र को करीब 16 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है।
अब मास्टर प्लान के प्रारूप पर जनता से दावे, आपत्तियां और सुझाव लिए जाएंगे।
