
नयी दिल्ली, 27 सितंबर (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने युवा प्रतिभाओं को निखारने में उनके समर्पण के लिए रविवार को ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता और हॉकी के कोच राजिंदर सिंह की तारीफ की।
श्री मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात में उनका उल्लेख किया और कहा कि उनके इस समर्पण की जितनी भी तारीफ की जाये, वह कम है। उन्होंने कहा कि बतौर कोच साल 2001 में भारत को पहली बार पुरुषों का जूनियर विश्व कप साल 2003 में सीनियर एशिया कप का खिताब दिलाने वाले श्री सिंह अब राउंड ग्लास हॉकी अकादमी चला रहे हैं। उनके प्रयासों से गांवों में नयी हॉकी एस्ट्रो-टर्फ बिछाई जा रही है। उनका फोकस बिल्कुल स्पष्ट है, ऐसे गांवों में बच्चों की पहचान करना जहां बेहतरीन कोचिंग की सुविधाएं कम हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे प्रयासों से कई खिलाड़ी भारत के जूनियर और सीनियर स्तर पर अपनी जगह बना रहे हैं। श्री सिंह के इस समर्पण की जितनी भी सराहना की जाये, वह कम है।
राजिंदर सिंह 1980 के ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम के सदस्य थे। साल 1982 में हुए हॉकी विश्वकप में
भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा था।
श्री मोदी ने स्वयं इस साल 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में खेलों के लिए प्रतिभा खोज अभियान का ऐलान किया था। उन्होंने बताया था कि इसके तहत गांवों और कस्बों से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का चयन कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार किया जाएगा।
