सीधी : विश्व सांकेतिक भाषा दिवस के अवसर पर सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा जनपद पंचायत सीधी सभागार में जागरूकता एवं सम्मान कार्यक्रम गुरुवार को आयोजित किया गया।कार्यक्रम का उद्देश्य मूक-बधिर एवं अन्य दिव्यांगजनों के अधिकारों, सम्मान, सहभागिता तथा समाज की मुख्यधारा में उनकी भागीदारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत कलेक्ट्रेट परिसर से जागरूकता रैली के साथ हुई, जिसमें दिव्यांगजनों सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी एवं अन्य लोग शामिल हुए।
जनपद पंचायत सभागार में मूक-बधिर दिव्यांगजनों ने सांकेतिक भाषा के माध्यम से नाटक एवं नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। उनकी प्रस्तुतियां कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहीं और उपस्थित लोगों ने उत्साहपूर्वक सराहना की। आयोजन में वर्ष 2026 की थीम बधिर लोगों के मानवाधिकारों की घोषणा के संदर्भ में सांकेतिक भाषा के महत्व और दिव्यांगजनों के अधिकारों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने कहा कि सांकेतिक भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि बधिर एवं मूक-बधिर व्यक्तियों के अधिकार और आत्मसम्मान से जुड़ा महत्वपूर्ण माध्यम है।
ऐसे आयोजन दिव्यांगजनों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देते हैं। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा दिव्यांगजनों के हित में विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं और उन्हें इनका लाभ दिलाने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू रामजी सिंह ने कहा कि दिव्यांगजन समाज का अभिन्न हिस्सा हैं।जनपद पंचायत सीधी अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह परिहार ने कहा कि दिव्यांगजनों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में मंच उपलब्ध कराना भी उनके आत्मविश्वास को बढ़ाता है। सांकेतिक भाषा के प्रति जागरूकता समावेशी समाज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में लगभग 140 दिव्यांगजनों ने सहभागिता की। इस दौरान दिव्यांगजनों के अधिकारों, शासकीय योजनाओं और सामाजिक सहभागिता से जुड़े विषयों पर जानकारी दी गई।
