
नीमच। गणपति उत्सव के समापन के साथ शुक्रवार को शहर में आस्था और भक्ति का रंग और गहरा हो गया। दस दिनों तक घर-घर और गणेश पंडालों में विराजे प्रथम पूज्य भगवान गणेश को श्रद्धालुओं ने ढोल-ढमाकों, जयकारों और भक्ति भाव के साथ विदाई देना शुरू किया। शहर के विभिन्न इलाकों से गणेश प्रतिमाएं जुलूस के रूप में विसर्जन के लिए निकलती नजर आईं। गलियों से लेकर प्रमुख मार्गों तक ‘गणपति बप्पा मोरया… अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारे गूंजते रहे।
गणेश उत्सव के अंतिम दिन कहीं ढोल की थाप पर श्रद्धालु झूमते नजर आए तो कहीं परिवारों और गणेश मंडलों ने भावुक माहौल में बप्पा को विदाई दी। कई स्थानों पर गणेश प्रतिमाओं को फूलों से सजाकर वाहन और जुलूस के रूप में विसर्जन स्थल तक ले जाया गया। श्रद्धालुओं ने बप्पा से अगले वर्ष फिर आने की कामना करते हुए विदाई दी।
तीन स्थानों पर बड़ी प्रतिमाओं के विसर्जन की व्यवस्था
गणेश प्रतिमा विसर्जन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए नगर पालिका परिषद नीमच ने शहर में तीन स्थानों पर बड़ी प्रतिमाओं के विसर्जन की व्यवस्था की है। इनमें गोमाबाई रोड स्थित संजीवनी तालाब के पास, जयसिंहपुरा रोड स्थित शिव घाट और सीताराम जाजू सागर बांध शामिल हैं।
इन सभी स्थानों पर नगर पालिका के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। श्रद्धालुओं द्वारा लाई जा रही प्रतिमाओं को निर्धारित व्यवस्था के तहत कर्मचारियों की मदद से विसर्जित कराया जा रहा है, ताकि जलाशयों पर भीड़ को नियंत्रित रखा जा सके और किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने।
पांच स्थानों पर बनाए प्रतिमा संग्रहण केंद्र
नगर पालिका ने छोटी-बड़ी गणेश प्रतिमाओं को लेकर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शहर में पांच प्रतिमा संग्रहण केंद्र भी बनाए हैं। इन केंद्रों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को प्रतिमाएं लेकर सीधे जलाशयों तक जाने से बचाना और विसर्जन व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखना है।
नगर पालिका के अनुसार भारत माता चौराहा (फोर जीरो), पिपली चौक नीमच सिटी, पाटीदार छात्रावास ग्वालटोली, अंबेडकर रोड स्थित बंसल चौराहा तथा बघाना में जाजू जी की बगीची के सामने सिद्धिविनायक कॉलोनी में संग्रहण केंद्र बनाए गए हैं।
इन स्थानों पर श्रद्धालु अपनी गणेश प्रतिमाएं नगर पालिका कर्मचारियों को सौंप सकते हैं। इसके बाद नपा कर्मचारी प्रतिमाओं को निर्धारित विसर्जन स्थलों तक पहुंचाकर विसर्जन की प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं।
सुरक्षा को लेकर नपा की अपील
प्रतिमा विसर्जन के दौरान जलाशयों पर भीड़ बढऩे और पानी में उतरने से होने वाली दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए नगर पालिका ने श्रद्धालुओं से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। नपा की ओर से कहा गया है कि श्रद्धालु स्वयं पानी में उतरकर प्रतिमा विसर्जित करने से बचें और नगर पालिका द्वारा की गई व्यवस्था का उपयोग करें।
नगर पालिका का प्रयास है कि गणेश प्रतिमाओं की विदाई पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ हो, लेकिन इसके साथ सुरक्षा व्यवस्था से भी किसी प्रकार का समझौता न हो। संग्रहण केंद्रों की व्यवस्था से श्रद्धालुओं को सुविधा मिलने के साथ ही जलाशयों पर अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करने में भी मदद मिल रही है।
भावुक हुआ माहौल, अगले बरस फिर आने की कामना
गणेश उत्सव के दौरान दस दिनों तक शहर में भक्ति, उल्लास और उत्साह का माहौल रहा। शुक्रवार को विसर्जन के साथ उत्सव का समापन हुआ तो कई स्थानों पर श्रद्धालुओं की आंखें नम नजर आईं। ढोल-ढमाकों और जयकारों के बीच बप्पा की विदाई हुई।
श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश से सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना करते हुए अगले वर्ष फिर आने का निमंत्रण दिया। शहर में दिनभर ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारे गूंजते रहे। आस्था और उल्लास के बीच गणपति बप्पा को विदाई देने का यह सिलसिला देर तक जारी रहा।
