मुंबई, भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। पिछले सत्र की भारी गिरावट के बाद आज बाजार कमजोरी के साथ खुला था, लेकिन निचले स्तरों पर घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) द्वारा की गई जोरदार लिवाली के चलते बाजार ने जल्द ही जबरदस्त रिकवरी दर्ज की। शुरुआती कारोबार के दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 111 अंक की तेजी के साथ 73,691.72 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 36 अंकों की बढ़त के साथ 23,099.55 के आसपास कारोबार करता हुआ नजर आया, जिससे निवेशकों को बड़ी राहत मिली है।
आईटी शेयरों में बिकवाली का दबाव, लेकिन बैंकिंग, मेटल और रियल्टी सेक्टर ने दिया मजबूत सहारा
आज के कारोबार में बाजार की चाल को संतुलित करने में बैंकिंग, ऑटो, मेटल और रियल्टी सेक्टर के शेयरों ने सबसे अहम भूमिका निभाई। इन क्षेत्रों में चौतरफा लिवाली के कारण बाजार को नीचे गिरने से बड़ा सहारा मिला। हालांकि, इसके विपरीत आईटी (IT) सेक्टर आज सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला क्षेत्र साबित हुआ। इंफोसिस, टीसीएस और एचसीएल टेक जैसी दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में 1.44 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई, जिसने बाजार की कुल बढ़त को थोड़ा सीमित जरूर किया, लेकिन और बड़ी गिरावट को टालने में मदद मिली।
कच्चे तेल की कीमतें और FII की बिकवाली बनी चुनौती, विश्लेषकों ने निवेशकों को दी सतर्कता की सलाह
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में लगातार हो रही बढ़ोतरी अभी भी भारतीय बाजार के लिए बड़ी चिंता का विषय बने हुए हैं। ब्रेंट क्रूड ऑयल 105.56 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है, जिसके चलते विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) द्वारा बिकवाली का सिलसिला जारी है। तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी के लिए 23,000 का स्तर मनोवैज्ञानिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है; यदि यह स्तर सुरक्षित रहता है तो बाजार में और सुधार की उम्मीद की जा सकती है, अन्यथा निवेशकों को सतर्क रुख अपनाना चाहिए।

