
मुरैना। जौरा थाना क्षेत्र में आज मजरा गांव के पास गहरे पानी से भरे गड्ढे में नहाने उतरे तीन नाबालिगों में से दो डूब गए. जबकि एक बच गया, हादसे की खबर मिलते ही पुलिस-प्रशासन और गोताखोर मौके पर पहुंचे. करीब दो घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद विकास और राजेश आदिवासी के शव पानी से बाहर निकाले गए. दोनों जौरा की मंडी क्षेत्र में रहने वाले सहरिया आदिवासी परिवारों से बताए जा रहे हैं और आपस में रिश्ते में भाई लगते हैं.
*साइकिल से घूमते हुए खदान पहुंचे थे*
मुरैना के जौरा थाना क्षेत्र की कृषि मंडी प्रांगण में रहने वाले सहरिया आदिवासी परिवार के 3 बच्चे साइकिल से घूमते हुए मजरा गांव के पास स्थित पत्थर खदानों तक पहुंचे थे. यहां 15 वर्षीय विकास आदिवासी और 20 वर्षीय राजेश सहित चकुर नाबालिग खदान के पानी से भरे गहरे गड्ढे में नहाने के लिए उतर गए. थोड़ी देर बाद तीसरा नाबालिग चकुर पानी से बाहर निकलकर साइकिल के पास आकर बैठ गया. काफी देर तक विकास और राजेश पानी से बाहर नहीं आए तो चकुर घबरा गया.
वह तुरंत घर पहुंचा और परिजनों को घटना की जानकारी दी. इसके बाद पुलिस-प्रशासन को सूचना दी गई. जानकारी मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचे और एसडीआरएफ टीम को बुलाकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कराया गया. करीब दो घंटे तक चले कड़े रेस्क्यू के बाद टीम ने पानी में तलाश कर दोनों के शव बाहर निकाले. पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए जौरा अस्पताल के शवगृह भेज दिया है. घटना के बाद परिवारों में मातम पसर गया. परिजनों के अनुसार विकास और राजेश आपस में रिश्तेदार थे और मामा-फूफी के भाई लगते थे.
डीएसपी हेडक्वार्टर विजय भदोरिया ने बताया कि आदिवासी परिवार के बच्चे मजरा गांव के पास स्थित पत्थर खदान के गड्ढे तक पहुंचे थे. इनमें से दो बच्चे पानी में उतर गए, जहां डूबने से दोनों की मृत्यु हो गई. सूचना के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया और दोनों के शव पानी से बाहर निकालकर शवगृह भेज दिए गए हैं.
