
उमरिया। मौत के बाद हर इंसान को अंतिम सफर में दो गज जमीन में पहुंचने की जरूरत होती है, लेकिन उस हक तक पहुंचने में भी स्वयं से लेकर उपकार करने वालों को कष्ट उठाना पड़े। तब ऐसा देखकर हर किसी का मन पीड़ा से भर जाता है। ऐसा ही मामला नौरोजाबाद से सटे ग्राम कंचनपुर से आया है। जहां इस तरह का सफर भी ग्रामीणों के लिए किसी इम्तिहान से कम नहीं था। मंगलवार को पीपल चौक के पास रहने वाले मुजीबुर्रहमान का हार्ट अटैक से निधन हो गया। बुधवार को उन्हें गांव के उस कब्रिस्तान में सुपुर्द- ए- खाक किया गया, जो नदी की दूसरी ओर स्थित था। दुर्भाग्यपूर्ण बात यह रही कि कब्रिस्तान तक जनाजा पहुंचाने के लिए लोगों को करीब 4 से 5 फीट गहरी नदी की धार पार करनी पड़ी। वहीं शव को पानी के बीच से लेकर गुजरना जोखिम भरा रहा। नदी में तेज बहाव और गहराई के कारण कई लोग चाहकर भी नदी पार नहीं कर सके और अंतिम यात्रा में शामिल होने से वंचित रह गए।
ग्रामीणों का कहना है कि नदी पर रपटा या सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था की मांग कई बार प्रशासन से की जा चुकी है, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है। बरसात के दौरान समस्या और बढ़ जाती है। ऐसे में अंतिम संस्कार के लिए भी लोगों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। मामले में
कंचनपुर पंचायत के सचिव से उक्त वीडियो के संबंध में पूछा गया तो उसने बताया कि मामले को दिखवाया जाएगा और ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी न हो, इसका ध्यान रखा जाएगा।
