सतना: कोलगवां थाना पुलिस ने करोड़ों रुपये की बेशकीमती पैतृक भूमि की फर्जी रजिस्ट्री कराने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में सामने आया कि जमीन की वास्तविक मालकिन के बाहर रहने का फायदा उठाकर सरकारी राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर किया गया। इसके बाद फर्जी महिला को भू-स्वामी के रूप में पेश कर असली मालकिन की जगह उसकी फोटो लगाकर ई-पंजीकरण के जरिए जमीन की रजिस्ट्री करा दी गई। मामले में पुलिस ने खरीदार और गवाह समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से सभी को जेल भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक जबलपुर निवासी निरूपमा गंगवानी पति टंडनदास उर्फ हरगुन दास ने 20 सितंबर को कोलगवां थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि तहसील रघुराजनगर अंतर्गत ग्राम कोलगवां में उनकी पैतृक भूमि स्थित है। जमीन का खसरा आराजी नंबर 290/1/16/1 और रकबा 0.027 हेक्टेयर है।फरियादिया के अनुसार उनके बाहर रहने का फायदा उठाकर आरोपियों ने जमीन को हड़पने के लिए आपराधिक षड्यंत्र रचा।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि वर्ष 2006-07 के सरकारी राजस्व रिकॉर्ड के खसरे में कूटनीति से नाम में बदलाव कर ‘निलयमा गंगवानी’ दर्ज करा दिया गया। इसके बाद इसी बदले हुए रिकॉर्ड को आधार बनाकर जमीन की फर्जी बिक्री की तैयारी की गई। पुलिस जांच के अनुसार आरोपियों ने एक अज्ञात महिला को फर्जी भू-स्वामी के तौर पर खड़ा किया। असली मालकिन की जगह उस महिला की फोटो का इस्तेमाल किया गया और ई-पंजीकरण के माध्यम से संबंधित जमीन की रजिस्ट्री करा ली गई।फरियादिया की शिकायत पर कोलगवां थाना पुलिस ने मामले में धारा 420, 467, 468, 471 एवं 120बी भादवि के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की। पुलिस ने रजिस्ट्री और राजस्व रिकॉर्ड सहित मामले से जुड़े आवश्यक साक्ष्य जुटाए। विवेचना के दौरान पुलिस ने तीन आरोपियों की भूमिका सामने आने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
इनको गिरफ्तार कर भेजा जेल
गिरफ्तार आरोपियों में शैलेन्द्र सिंह परिहार पिता तेजभान सिंह परिहार 48 वर्ष निवासी अयप्पानगर बांधवगढ़ कॉलोनी सतना, सुरजीत सिंह पिता सुरेन्द्र सिंह 45 वर्ष निवासी ग्राम भटनवारा थाना सिटी कोतवाली सतना और प्रमोद पाण्डेय पिता रामविश्वास पाण्डेय 43 वर्ष निवासी भल्ला फार्म नईबस्ती सतना थाना कोलगवां शामिल हैं। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर तीनों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है और उनकी भूमिका की भी जांच जारी है।
