इंदौर: प्रदेश में कल सुलभ परिवहन सेवा शुरू होगी. सुलभ परिवहन सेवा की शुरुआत पुरानी बसों से होगी. पुरानी सूत्र सेवा की बसों पर सुलभ परिवहन सेवा के केशरिया और सफेद पट्टी कलर और विनाइल चिपका कर तैयार किया जा रहा है.25 सितंबर से प्रदेश में सुलभ परिवहन सेवा शुरू की जाएगी. उक्त सेवा की शुरुआत पुरानी बसों से की जा रही है. सरकार के आदेश पर पुरानी खटारा बसों पर ही विनाइल चिपका कर रंग बदला जा रहा है. वहीं लंबी दूरी पर पहले से चल रही पुरानी बसों पर भी कलर किया गया रहा है.
ध्यान रहे कि बीटीसी, एआईसीटीसीएल और सूत्र सेवा के तहत पूरे प्रदेश में करीब ढाई सौ से तीन सौ बसें पिछले कई सालों से चल रही है. उक्त सभी बसें पूर्व में बंद राज्य परिवहन निगम के मार्गो पर सरकार द्वारा जारी परमिट पर निजी बस मालिक संचालित की जा रही है. बताया जा रहा है कि पुरानी बसों के कलर बदलकर सुलभ परिवहन सेवा शुरू करने के पीछे कारण यह है कि शासन के पास पैसा नहीं है. दूसरा निजी बस मालिक भी शासन की उक्त योजना में रुचि नहीं ले रहे है. नई बसों के लिए बहुत बड़े बजट की आवश्यकता होगी.
सुलभ परिवहन सेवा के मार्गो को लेकर हाईकोर्ट से स्थगन
शासन ने सुलभ परिवहन सेवा के तहत टेंडर जारी किया था, जिसमें सुलभ परिवहन सेवा के मार्गो को राष्ट्रीयकृत घोषित किया गया. उक्त राष्ट्रीयकृत मार्गों पर निजी बसें संचालित करने पर प्रतिबंध लगाया जाने के खिलाफ ग्वालियर हाईकोर्ट बेंच से बस ऑपरेटरों ने स्थगन ले लिया है, जो आज भी कार्यशील है.
इन मार्गों पर होती है एआईसीटीसीएल और सूत्र सेवा बसें
इंदौर से भोपाल, खरगोन, खंडवा, झाबुआ, नीमच, बड़वानी, शाजापुर, आगर जैसे शहरों में निजी ऑपरेटरों की बसें सूत्र और एआईसीटीसीएल में चल रही है. इन्हीं निजी और पुरानी बसों पर केशरिया और सफेद पट्टी में कलर तथा विनाइल चिपका कर सुलभ परिवहन सेवा की बसें दिखाई और चलाई जाएंगी.
अभी पुरानी बसें ,बाद में मलिटी पर बात करेंगेः अर्थ जैन
स्मार्ट सिटी सीईओ और क्षेत्रीय संचालक अर्थ जैन ने कहा कि स्कीम पर स्थगन है. हम नॉन स्कीम पर ऑपरेट करने को तैयार हैं. पुरानी बसों और कलर को लेकर क्षेत्रीय संचालक जैन ने कहा कि योजना के लिए कलर तय किया है, इसलिए बस पर वह कलर आवयक है. अभी पुरानी बसों से समय और संचालन तय होगा. बाद में क्वालिटी पर बात करेंगे
