
जबलपुर। रेल मंडल के कोचिंग डिपो में बुधवार की सुबह उस समय हंगामा मच गया जब ट्रेनों की साफ- सफाई करने वाले कर्मचारियों ने अचानक काम करना बंद कर दिया। कर्मचारियों का कहना था कि 2 माह होने को है लेकिन लखनऊ का ठेकेदार उनका वेतन नहीं दे रहा है, जिससे उनके परिवार को भूखे रहने की नौबत आ गई है।
जबलपुर की ट्रेनों की साफ-सफाई का ठेका पिछले काफी समय से लखनऊ की एक कंपनी के पास है। इस ठेका कंपनी के खिलाफ पिछले काफी समय से शिकायतें की जा रही हैं कि वह अपने स्टाफ को समय पर वेतन नहीं देता। पूर्व में भी कई बार सफाई कर्मचारियों ने अचानक काम बंद कर दिया था, फिर समझाबुझाकर समय पर वेतन देने के आश्वासन के बाद कर्मचारी काम पर लौट आते थे, किंतु इस बार कर्मचारियों का आरोप है कि दो माह पूरा होने को आ रहा है और उन्हें अभी तक वेतन नहीं मिला। ठेकेदार से वेतन मांगते हैं तो वह कहता है अभी नहीं है, जब रेलवे से बिल पास होगा, तब देंगे, जिसे काम करना है, करे, नहीं तो बाहर हो जाये।
सुबह लगभग 9 बजे ट्रेनों की साफ-सफाई करने पहुंचे कर्मचारी वेतन नहीं मिलने से काफी आक्रोशित नजर आये और वेतन नहीं मिलने की उम्मीद नहीं दिखी तो उन्होंने काम बंद कर दिया। कर्मचारियों का कहना है कि एक तो उनका वेतन पहले ही काफी कम है, ऊपर से दो-दो माह से नहीं मिला. साथ ही पीएफ भी नहीं काटा जा रहा है। ठेकेदार की इस अमानवीयता के चलते उनको अपना व परिवार का पेट पालना मुश्किल हो रहा है।
