
कोलंबो। श्रीलंका की कोलंबो हाईकोर्ट ने मंगलवार को 2019 के ईस्टर फिदायीन हमले के मामले में बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने 24 में से 15 आरोपियों को दोषी करार देते हुए हर एक को 220-220 साल कारावास की सजा दी। 9 अन्य को बरी कर दिया गया।
जस्टिस नवरत्ने मारासिंघे, जस्टिस रामनाथन कन्नन और जस्टिस सुजीवा निसांका की पीठ ने 5 साल तक चली सुनवाई के बाद यह फैसला दिया। आरोपियों पर कुल 23,270 आरोप तय थे और अभियोजन ने 2,309 गवाहों के बयान दर्ज कराए थे।
*ISIS से जुड़े NTJ ने किया था हमला*
2019 में ईस्टर पर ISIS से जुड़े नेशनल तौहीद जमात के 9 फिदायीन हमलावरों ने 3 चर्च और 3 आलीशान होटलों को निशाना बनाया था। हमले में 11 भारतीयों समेत 270 लोगों की मौत हुई थी और 500 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। मुख्य आरोपी नौफर मौलवी को भी सजा सुनाई गई है।
*जाकिर नाइक से जुड़ा तार*
जांच में खुलासा हुआ था कि गिरफ्तार आतंकी जाकिर नाइक के ऑनलाइन वीडियो देखकर संगठन में शामिल हुए थे। हमले के समय जाकिर नाइक भारत से भागकर मलेशिया में था और वहीं रह रहा है।
*सियासी विवाद भी हुआ*
हमले के बाद तत्कालीन राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना और पीएम रानिल विक्रमसिंघे पर खुफिया जानकारी होने के बावजूद हमला न रोकने के आरोप लगे थे। भारतीय एजेंसियों ने श्रीलंका को हफ्तों पहले आतंकी हमले की चेतावनी दी थी।
