
भोपाल। राजधानी में अब मास्टर प्लान की अटकलें समाप्त हो गई हैं. इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान हरी झंडी दे दी है. अब जल्द ही सरकार मास्टर प्लान लागू करने की प्रक्रिया शुरु करेगी. क्योंकि सरकार के पास 2020 में तैयार किया गया था जो 2031 के लिए तैयार था. जिसे किन्हीं कारण बस सरकार लागू नहीं कर सकी. अब उसी मास्टर प्लान लागू करने के लिए सरकार ने अपनी बात सुप्रीम कोर्ट में रखी सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि भोपाल में वर्ष 1995 के बाद नया मास्टर प्लान लागू नहीं हुआ और पिछला मास्टर प्लान वर्ष 2005 में समाप्त हो चुका है. सरकार ने बताया कि नए मास्टर प्लान का ड्राफ्ट तैयार है और उसे लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी है. कोर्ट ने सरकार को मास्टर प्लान का ड्राफ्ट जारी करने की अनुमति दी.
-मास्टर प्लान में उलझी थी सरकार नहीं हो सकी प्रक्रिया
राजधानी में सीलींग की कार्रवाई के दौरान व्यापारी संगठनों ने मास्टर प्लान लागू करने के लिए धरना प्रदर्शन किए थे. वहीं व्यापारी संगठनों का दल भी मुख्यमंत्री से मास्टर प्लान लागू करने के लिए मुलाकात कर चुका था. और लागू करने की बाता भी सामने आई थी. लेकिन मास्टर प्लान 2031 के लिए पहले से बना हुआ है उसे लागू करना है या फिर 2047 के लिए नया मास्टर प्लान तैयार किया जाए इसी पसोपेश में प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी.
अभी भी पूरी प्रक्रिया में लगेगा समय
सरकार कितनी भी जल्दी करे पुराने मास्टर प्लान को लागू करने के लिए फिर भी कम से कम तीन महिने का समय तो लग ही जाएगा. सभी संस्थाओं को मास्टर प्लान की जानकारी देना होगी. उसके बाद दावा आपत्ति की प्रक्रिया पूरी करनी होगी. फिर सभी आपत्तियों की सुनवाई की जाएगी.
