
इंदौर। शहर में पंढरीनाथ थाने के सामने मुख्य सड़क पर फिर गहरा गड्ढा हो गया। अचानक 10 फीट गहरे गड्ढे के कारण नगर निगम के भ्रष्टाचार का एक ओर सबूत सामने आ गया। शहर में मुख्य सड़क पर गड्ढा होने का मामला नया नहीं है, बल्कि यह पांचवां मामला सामने आया है।
कल शाम पंढरीनाथ थाने के सामने मुख्य सड़क पर अचानक 10 फीट गहरा , करीब 5 से 6 फीट चौड़ा गड्ढा हो गया। गड्ढा इतना गहरा था कि उसमें दो पहिया वाहन चालक आसानी से अंदर समा सकता था। यह तो गनीमत रही कि रात में कोई उस गड्ढे में नहीं गिरा और दुर्घटना का शिकार नहीं हुआ ।
इस बारे में नगर निगम के अधिकारी गहरा गड्ढा होने को मिट्टी खिसकना बता रहे हैं। बताया यह जा रहा है कि 10 साल पहले ड्रेनेज लाइन डाली गई थी, उसकी मिट्टी खसक गई और सड़क धंस गई । अचानक मिट्टी कैसे धंस गई ? इस साल तो एक बार भी जोरदार बारिश नहीं हुई , जिससे मिट्टी खसक जाएं ? शहर में सड़क धंसने के साथ निगम भ्रष्टाचार का पर्दा उठ गया है। भ्रष्टाचार इसलिए कि शहर में लगातार मुख्य मार्गों की सड़कें धंस रही है।
गड्ढे का भराव कर दिया गया: रघुवंशी
निगम झोनल अधिकारी राहुल रघुवंशी ने कहा कि मामले की जानकारी मिलते ही सुबह मौके पर गड्ढे का भराव कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि 10 साल पहले लाइन डाली थी, जिसकी मिट्टी खसकने से गड्ढा हुआ।
पंढरीनाथ के पहले 4 जगहों पर धंस चुकी है सड़कें ?
शहर में नगर निगम के कामों की लगातार पोल खुल रही है। कल पंढरीनाथ थाने के सामने सड़क धंसने और गहरा गड्ढा होने के पहला मामला नहीं है। पिछले डेढ़ महीने में शहर में विजय नगर एमआर 10 पर भी बहुत बड़ा गड्ढा हुआ था, जिसमें कार समा सकती थी। फिर सरवटे बस स्टैंड पर ड्रेनेज लाइन डालने के बाद पेवर ब्लॉक धंसने, गाड़ी अड्डा ब्रिज के पास सीमेंट कांक्रीट की सड़क में 10 फीट गहरा गड्ढा, स्मार्ट सिटी गौराकुंड चौराहे पर सड़क की मिट्टी खसकने का मामला सामने आया था। इससे समझा जा सकता है कि शहर में नगर निगम द्वारा किस घटिया स्तर का काम किया गया या किया जा रहा है , उसका सबूत है मुख्य मार्गों की सड़कें धंस कर गहरे गड्ढे में तब्दील हो रही है।
