इंदौर: पलासिया क्षेत्र में बीई छात्र को क्रेडिट कार्ड की सुरक्षा शुल्क बंद कराने का झांसा देकर साइबर ठगी की गई. जालसाज ने बैंक प्रतिनिधि बनकर छात्र से एक वेबसाइट पर प्रक्रिया पूरी कराई. छात्र द्वारा ओटीपी दर्ज करते ही उसके क्रेडिट कार्ड से 1 लाख 30 हजार रुपए की राशि अमेजन मर्चेंट पर ट्रांसफर हो गई. ठगी का पता चलने पर छात्र ने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की, जिसके आधार पर पलासिया पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.
गीता भवन क्षेत्र में किराए से रहने वाले बीई छात्र सौम्य बोरदिया ने पुलिस को बताया कि 5 सितंबर को उसके मोबाइल पर फोन आया था. कॉल करने वाले ने खुद को एक्सिस बैंक का प्रतिनिधि बताया और क्रेडिट कार्ड की प्रोटेक्शन फीस बंद कराने की बात कही. आरोपी ने सौम्य को एक वेबसाइट पर जाकर प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा. फरियादी ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने उसे वेबसाइट पर लॉगिन करने के बाद एक्टिव बटन दबाने को कहा. इस दौरान आरोपी ने उसके क्रेडिट कार्ड की लिमिट, समय और तारीख से जुड़ी जानकारी भी बताई, जिससे उसे कॉल करने वाले पर भरोसा हो गया. प्रक्रिया के दौरान ओटीपी दर्ज करने का विकल्प आया. सौम्य ने ओटीपी दर्ज किया तो वेबसाइट पर सत्र समाप्त होने का संदेश दिखाई दिया और वह वेबसाइट से बाहर आ गया.
बाद में क्रेडिट कार्ड का बैलेंस देखा तो वह हक्का-बक्का रह गया
अगले 24 घंटे तक कार्ड से लेनदेन नहीं करने की बात आरोपी ने पहले ही कही थी. तय समय के बाद सौम्य ने मोबाइल ऐप पर क्रेडिट कार्ड का बैलेंस देखा तो वह हक्का-बक्का रह गया. खाते से 1 लाख 30 हजार रुपए अमेजन मर्चेंट पर ट्रांसफर हो चुके थे. इसके बाद उसने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की. पलासिया पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. मामले में थाना प्रभारी सुरेन्द्र सिंह रघुवंशी ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है, लेनदेन से जुड़े विवरण और आरोपी द्वारा इस्तेमाल किए गए माध्यमों की जानकारी जुटा रही है.
