
नयी दिल्ली 19 सितंबर (वार्ता) सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ की रूस की तीन दिन की आधिकारिक यात्रा से भारत-रूस सैन्य सहयोग को मिली नयी गति मिली है। सेना के अनुसार जनरल सेठ ने शुक्रवार को संपन्न हुई यात्रा के दौरान भारत और रूस के बीच सैन्य सहयोग को मजबूत करने, प्रशिक्षण आदान-प्रदान, क्षमता विकास और तोपखाने के आधुनिकीकरण सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। मॉस्को में जनरल सेठ ने रूस के रक्षा उप मंत्री जनरल यूनुस-बेक येवकुरोव से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने संयुक्त क्षमता विकास, पेशेवर सैन्य आदान-प्रदान और दोनों देशों की सेनाओं के बीच सैन्य सहयोग के विस्तार के संभावित क्षेत्रों पर विचार-विमर्श किया।
रूसी थल सेना के मुख्यालय में भी भारतीय सेना प्रमुख ने समकालीन सैन्य घटनाक्रमों और परिचालन अनुभवों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। इस दौरान प्रशिक्षण, क्षमता विकास और पेशेवर अनुभव साझा करने के क्षेत्रों में दोनों सेनाओं के बीच सहयोग को और गहरा करने के उपायों पर चर्चा हुई।
दौरे के अगले चरण में जनरल सेठ ने सेंट पीटर्सबर्ग स्थित मिखाइलोव्स्काया मिलिट्री आर्टिलरी अकादमी का दौरा किया। उन्होंने अकादमी के शिक्षकों और अधिकारियों के साथ प्रशिक्षण पद्धतियों तथा आधुनिक तोपखाना प्रणालियों के आधुनिकीकरण पर चर्चा की। उन्हें ऐतिहासिक पीटर एंड पॉल किले में पारंपरिक तोप दागने का विशिष्ट सम्मान भी प्राप्त हुआ। सेना प्रमुख को को मॉस्को में औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और उन्होंने अज्ञात सैनिक की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस यात्रा ने भारत और रूस के बीच कायम दीर्घकालिक विश्वास को और मजबूत किया तथा निरंतर सैन्य कूटनीति, संस्थागत आदान-प्रदान और पारस्परिक रूप से लाभकारी पेशेवर सहयोग के प्रति दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
