94 वर्षों से जारी है सिद्ध गणेश उत्सव की गौरवशाली परम्परा 

उकवा, ग्राम पोंडी में सार्वजनिक सिद्ध गणेश उत्सव की परंपरा वर्ष 1933 से निरंतर चली आ रही है। 24 अगस्त 1933, गुरुवार को स्व श्री परसराम पटेल पूर्व मालगुजार एवं स्व श्री शिवनाथ लाला एवं गांव के जागरूक, धर्मप्रेमी एवं समाजसेवी नागरिकों ने सामूहिक रूप से भगवान श्री सिद्ध गणेश की प्रतिमा स्थापित कर सार्वजनिक गणेश उत्सव का शुभारंभ किया था। आज यह परंपरा 94वें वर्ष में भी श्रद्धा और उत्साह के साथ जारी है।

गणेश उत्सव की शुरुआत केवल धार्मिक आयोजन के रूप में नहीं हुई थी, बल्कि इसके माध्यम से ग्रामीणों में सामाजिक एकता, सद्भाव, सांस्कृतिक जागरूकता और लोक सहभागिता को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया। समय के साथ गांववासियों के सहयोग और सहभागिता से उत्सव का स्वरूप और भी भव्य होता गया।

उत्सव की 94 वर्षों की यात्रा में अनेक उतार-चढ़ाव आए, लेकिन ग्रामवासियों की आस्था और सामूहिक प्रयासों के चलते इसकी परंपरा कभी नहीं रुकी। हर वर्ष गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक गांव में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहता है।

उत्सव के दौरान समय-समय पर देशभक्ति गीत, सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन-कीर्तन, धार्मिक आयोजन एवं विद्यालयीन प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाता रहा है। नई पीढ़ी की सहभागिता से इस ऐतिहासिक परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है।

आस्था और एकता की मिसाल

ग्राम पोंडी का सार्वजनिक सिद्ध गणेश उत्सव आज गांव की पहचान और गौरव का हिस्सा बन चुका है। 94 वर्षों से चली आ रही यह परंपरा बताती है कि जब समाज एकजुट होकर अपनी संस्कृति और परंपराओं को संजोता है, तो वे पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवंत रहती हैं। ग्रामीणों का संकल्प है कि सिद्ध विनायक की कृपा से यह गौरवशाली परंपरा आने वाली पीढ़ियों तक इसी तरह जारी रहे।

Next Post

अजंदा में जनसंवाद : ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश

Sat Sep 19 , 2026
आलीराजपुर,  मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत ग्राम पंचायत अजंदा में जनसंवाद एवं शिविर आयोजित किया गया। इसमें सांसद श्रीमती अनिता नागर सिंह चौहान और कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर ने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का नियमानुसार निराकरण करने तथा पात्र हितग्राहियों को […]

You May Like