
नलखेड़ा। नलखेड़ा माता बगला मुखी मंदिर परिसर के सामने से बह रहे नाले में एमपी 13 ए एफ 7135 फोर व्हीलर स्विफ्ट वाहन जिसमें उड़ीसा के आठ श्रद्धालु सवार थे। उज्जैन महाकाल दर्शन करने के बाद नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी के दर्शन करने आए लेकिन उन्हें मंदिर के सामने बह रहे नाले का और उसकी गहराई का अंदाज नहीं था तेज बहते पानी में वाहन असंतुलित होकर नदी में बह गया जिसके चलते वहां में बैठे सभी उड़ीसा के आठ श्रद्धालु काल के गाल में समा गए 19 सितंबर सुबह तक आसपास क्षेत्र के लोगों की बड़ी भीड़ स्थान पर जमा हो गई जैसे तैसे वाहन को निकाला और सभी मृतकों के शव बाहर कर लिए गए इस दर्दनाक हादसे ने मां बगला मुखी स्थान की सुरक्षा की पोल खोल दी है गौर तलब है कि यह मंदिर प्रशासन अंतर्गत संचालित होता है।
हवन करने आए श्रद्धालुओं से₹350 की रसीद काटकर शुल्क लिया जाता है। इस दौरान तेज बारिश में पुलिस प्रशासन द्वारा वाहनो को क्यों नहीं रोका गया यह सब प्रश्न उठ रहे हैं। 19 सितंबर को ही बागली क्षेत्र से गए किशोर गुर्जर ने बताया कि वह और उनके परिवार सुबह 11 बजे नलखेड़ा मंदिर पहुंचे तब उन्हें इस भयंकर हादसे की जानकारी लगी उस वक्त तक बड़ी संख्या में पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए क्षतिग्रस्त वाहन भी निकाल लिया गया और उसमें से श्रद्धालुओं के शव बाहर निकाल कर पीएम के लिए भेजने की व्यवस्था की जा रही है। जानकारी के अनुसार सभी श्रद्धालु उड़ीसा क्षेत्र के बताए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन द्वारा उनके परिजनों से संपर्क किया गया है। घटना को लेकर श्रद्धालु और नलखेड़ा के नागरिकों में भारी रोज देखा गया कुछ देर के लिए चक्का जाम जैसी स्थिति भी निर्मित हो गई।
