इंदौर:शहर में पुलों और प्रमुख मार्गों पर अवैध पार्किंग और बढ़ता ट्रैफिक एक गंभीर समस्या बन गई है, जिससे हादसों और जाम का खतरा लगातार बढ़ रहा है. शहर में वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन उस अनुपात में सड़कों और पार्किंग का विस्तार नहीं हो रहा है. पुलों और मुख्य मार्गों पर चारपहिया व अन्य वाहनों के खड़े होने से रास्ता संकरा हो जाता है, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी होती है. सुचारू यातायात बाधित होने के कारण तेज रफ्तार वाहनों से टकराने और बड़े हादसों का अंदेशा बना रहता है.
इसी तरह की समस्या पटेल ब्रिज से जुड़ी हुई है, जहां ब्रिज पर पार्किंग का कब्जा बरकरार है, यहां हादसे के बाद भी यातायात विभाग नहीं चेता. शहर में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन उसके अनुपात में पार्किंग व्यवस्था विकसित नहीं होने से सड़कों और पुलों पर अवैध पार्किंग गंभीर समस्या बनती जा रही है. आरटीओ के अनुसार, शहर में करीब 14 लाख दोपहिया और 5 लाख चारपहिया वाहन पंजीकृत हैं.
हर महीने औसतन 10 हजार दोपहिया और 3 से 3.5 हजार चारपहिया वाहन नए जुड़ रहे हैं. इसका असर शहर के प्रमुख पुलों पर भी दिखाई दे रहा है. पटेल ब्रिज पर चारपहिया वाहन सड़क किनारे कतार से खड़े रहते हैं जिससे मार्ग संकरा होने के साथ यातायात प्रभावित होता है. कुछ दिन पहले एक वाहन अनियंत्रित होकर फुटपाथ पर चढ़ा और रेलिंग तोड़ते हुए आधा लटक गया था. गनीमत रही कि बड़ा हादसा नहीं हुआ. घटना के बाद कुछ दिनों तक यातायात विभाग द्वारा हल्की-फुल्की सख्ती दिखी, लेकिन अब फिर स्थिति पहले से ज्यादा हो गई है.
यह बोले रहवासी…
हादसे के बाद भी अवैध पार्किंग बढ़ गई है, सियागंज से लेकर पुल के आधे हिस्से तक कारों की कतारें लग जाती हैं. ग्वालटोली से उतरने वाले वाहनों की दुर्घटना का अंदेशा बढ़ रहा है.
– रविंद्र परमार
कुल मिलाकर यातायात विभाग एवं नगर निगम पार्किंग की समस्या का निराकरण कभी नहीं कर पाया. ऐसे में आम जनता अपनी मनमानी तो करेगी ही.
– गुरुप्रसाद विश्वकर्मा
शहर के कुछ क्षेत्रों में तो अवैध पार्किंग को लेकर बड़ी चालानी कार्रवाई की जाती है, लेकिन पटेल ब्रिज जैसे अन्य स्थानों पर यातायात विभाग को नींद क्यों आ जाती है, यह बड़ा सवाल है.
– अमित खन्ना
