भोपाल। रिहायशी इलाकों में चल रहे कारोबार पर नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई के बाद अब दुकानदारों के सामने सबसे बड़ा सवाल है—आगे दुकान खुलेगी या बंद रहेगी?
सीलिंग और नोटिस की कार्रवाई के बाद कई व्यापारी असमंजस में हैं। वहीं 15 सितंबर को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई टलने के बाद उनकी चिंता और बढ़ गई है। दुकानदारों का कहना है कि दुकानें बंद रहने से ग्राहक दूसरे बाजारों का रुख कर रहे हैं और कारोबार लगातार प्रभावित हो रहा है।
सीलिंग की कार्रवाई
भोपाल में रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम ने सीलिंग की कार्रवाई शुरू की थी। कार्रवाई के दौरान कई प्रतिष्ठानों को सील किया गया, जबकि कई दुकानदारों ने खुद ही अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए थे।
लेकिन अब तस्वीर कुछ बदली हुई है।
15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई टल गई है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक सुनवाई की नई तारीख अभी सामने नहीं आई है। ऐसे में दुकानदारों के सामने स्थिति साफ नहीं है कि उन्हें दुकान खोलनी है, बंद रखनी है या आगे किसी राहत का इंतजार करना है।
इसी असमंजस का असर अब बाजारों पर भी दिखाई दे रहा है।
दुकानदार ने कहा- “15 सितंबर की सुनवाई टलने के बाद हमारी परेशानी और बढ़ गई है। दुकान बंद रखने से ग्राहक टूट रहे हैं। ग्राहक दूसरी जगह जा रहे हैं और हमारा व्यापार खत्म होता जा रहा है।”
व्यापार पर असर
दुकानदारों का कहना है कि लंबे समय तक दुकान बंद रहने से सिर्फ उनका कारोबार ही प्रभावित नहीं हो रहा, बल्कि कर्मचारियों, किराए और परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों पर भी असर पड़ रहा है।
यानी सीलिंग की कार्रवाई के बाद अब मामला सिर्फ दुकान के शटर तक सीमित नहीं है। एक तरफ कोर्ट की अगली सुनवाई का इंतजार है, तो दूसरी तरफ दुकानदार अपने कारोबार और भविष्य को लेकर राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
