भागलपुर, कोलकाता से वाराणसी की ऐतिहासिक और पौराणिक जल यात्रा पर निकला ‘राजमहल गंगा क्रूज’ बिहार के भागलपुर में गंगा के बढ़े हुए जलस्तर के कारण पिछले कई दिनों से बीच मझधार में अटका हुआ है। क्रूज पर कुल 11 पर्यटक सवार थे, जिनमें ब्रिटेन, न्यूजीलैंड और नीदरलैंड के 9 विदेशी सैलानियों के अलावा 2 भारतीय पर्यटक भी शामिल थे। नदी की गंभीर स्थिति और बढ़ते जलस्तर को भांपते हुए प्रबंधन ने फौरन एहतियात बरतते हुए सभी विदेशी पर्यटकों को क्रूज से सुरक्षित नीचे उतारकर ट्रेन के माध्यम से पटना भेज दिया है।
सिमरिया सेतु पार करने में आ रही है भारी चुनौती, गंगा के जलस्तर में सुधार होने का कर रहे हैं इंतजार
विक्रमशिला सेतु को पार करने के बाद 5 सितंबर को भागलपुर पहुंचे इस क्रूज को आगे बेगूसराय स्थित सिमरिया सेतु की तरफ अपनी यात्रा बढ़ानी थी, लेकिन उफान पर चल रही गंगा के कारण पुल के नीचे से क्रूज को सुरक्षित निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। क्रूज प्रबंधन से जुड़े रंजीत कुमार के अनुसार, नदी का जलस्तर कम होने और परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल होने के बाद ही क्रूज को दोबारा आगे रवाना करने का अंतिम निर्णय लिया जाएगा, जिसकी अगले दो से तीन दिनों में पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
एसडीआरएफ की टीमें लगातार रख रही हैं क्रूज पर कड़ी नजर, ऐतिहासिक जल पर्यटन मार्ग पर आई बड़ी बाधा
बंगाल, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के धार्मिक व सांस्कृतिक स्थलों का दीदार कराने वाले इस क्रूज की यात्रा में अचानक आई यह बाधा बड़ी रुकावट साबित हुई है। हालांकि, फसे हुए क्रूज की मुकम्मल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीम को तैनात किया गया है, जो लगातार आसपास गश्त कर रही है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है।

