सिंगरौली /चितरंगी: तहसील मुख्यालय चितरंगी में सिविल न्यायालय के संचालन की उम्मीद एक बार फिर मजबूत हुई है। अधिवक्ता संघ चितरंगी के प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष के नेतृत्व में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर पहुंचकर सिंगरौली के पोर्टफोलियो जज एवं रजिस्ट्रार से सौजन्य भेंट की और चितरंगी में सिविल न्यायालय का संचालन शीघ्र शुरू कराने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। प्रतिनिधिमंडल को न्यायालय प्रारंभ कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई और शीघ्र पहल का आश्वासन मिला है।
अधिवक्ता संघ द्वारा पत्र 16 सितंबर 2026 को मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर के पोर्टफोलियो जज को आवेदन दिया गया। पत्र में बताया गया कि चितरंगी तहसील सिंगरौली जिले की सबसे बड़ी तहसीलों में शामिल है। इसका क्षेत्रफल लगभग 80 से 90 किलोमीटर के दायरे में फैला है। न्यायालयीन सुविधा के अभाव में क्षेत्र के लोगों को देवसर न्यायालय तक आने-जाने में परेशानी होती है।
संघ ने आवेदन में बताया कि वर्तमान में चितरंगी क्षेत्र से संबंधित 481 सिविल तथा 3290 आपराधिक प्रकरण लंबित हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर न्यायालय संचालित होने से पक्षकारों और अधिवक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी। आवेदन में यह भी उल्लेख है कि व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ खंड न्यायालय तथा उसके अमले के पद सृजित किए जाने को लेकर उच्च न्यायालय स्तर से प्रक्रिया को अनुमोदन मिल चुका है। न्यायालय संचालन के लिए कोर्ट रूम, विश्राम कक्ष, नजारत शाखा, नकल शाखा और कंप्यूटर कक्ष आदि की व्यवस्था वर्ष 2022 में संशोधित कर जानकारी भेजी जा चुकी है।
बताते चलें कि 2018 से 2022 के बीच तत्कालीन चितरंगी विधायक अमर सिंह द्वारा भी चितरंगी में सिविल न्यायालय खोलने की मांग लगातार उठाई गई थी। उनके कार्यकाल में न्यायालय स्थापना की घोषणा भी हुई थी, लेकिन विभिन्न कारणों से इसका संचालन शुरू नहीं हो सका। अब अधिवक्ता संघ के प्रयास से वर्षों से लंबित मांग के मूर्त रूप लेने की उम्मीद जगी है। स्थानीय अधिवक्ताओं को भरोसा है कि चितरंगी में सिविल न्यायालय शुरू होने से दूरदराज के ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर न्यायिक सुविधा मिल सकेगी और लंबित मामलों के निराकरण की प्रक्रिया भी अधिक सुगम होगी।
