भोपाल, मध्य प्रदेश में अगले तीन-चार दिनों तक राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर रहने वाली है, क्योंकि दिग्गज नेताओं के दौरों से राज्य देश का मुख्य केंद्र बन गया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन आज उज्जैन और इंदौर पहुंच रहे हैं। बीजेपी अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन का यह पहला मध्य प्रदेश दौरा है, जहां वे इंदौर में कई सरकारी योजनाओं के शुभारंभ के साथ उज्जैन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
उज्जैन में संघ प्रमुख और बीजेपी अध्यक्ष की संभावित मुलाकात, कांग्रेस ने राहुल गांधी के दौरे से जोड़कर बताया घबराहट
उज्जैन पहुंचने के बाद संघ प्रमुख मोहन भागवत 18 सितंबर से शुरू होने वाली ‘धर्म संसद’ में शामिल होंगे, जबकि राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि वे और नितिन नबीन संगठनात्मक विषयों पर चर्चा कर सकते हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस पार्टी ने इन दौरों पर तीखा तंज कसते हुए इसे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आगामी ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम और बढ़ती लोकप्रियता से उपजी बीजेपी की घबराहट करार दिया है, जिससे राज्य का सियासी तापमान काफी बढ़ गया है।
मालवा बना बीजेपी की राजनीतिक गतिविधियों का मुख्य केंद्र, कई बड़े आयोजनों से तय होगी आगामी सियासी दिशा
पारंपरिक रूप से बीजेपी का मजबूत गढ़ माना जाने वाला मालवा क्षेत्र एक बार फिर पार्टी की प्रमुख गतिविधियों का केंद्र बन चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में होने वाले इन हाई-प्रोफाइल कार्यक्रमों और देश भर से आ रहे संत समाज के समागम से आगामी राजनीतिक दिशा तय होने की उम्मीद है। इन दिग्गजों के दौरों से स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश की सियासत में जबरदस्त हलचल देखने को मिलेगी।

