सिंगरौली : कोतवाली क्षेत्र बैढ़न के खजुरी नदी से रेत का अवैध कारोबार फिर से जोर पकड़ने लगा है। आलम यह है कि शाम ढलते ही दूसरे दिन सुबह तक धड़ल्ले के साथ आधा दर्जन से अधिक ट्रैक्टर रेत के कारोबार में चलते रहते हैं, परंतु पुलिस को यह सब दिखाई नही देता है। आरोप है कि रेत के खेल में कोतवाली के कुछ नामचीन कथित पुलिस कर्मी शामिल हैं। जिनके संरक्षण में अवैध रेत का कारोबार तेजी से चलने लगा है।
दरअसल बैढ़न इलाके में रेत की चोरी धड़ल्ले से जारी है। पिछले तीन-चार वर्षो से रेत की अवैध कारोबार रोकने में कोतवाली पुलिस पूरी तरह से नाकाम रही है। इसके पीछे एक ही कारण बताया जाता है कि कथित पुलिस कर्मियों का संरक्षण है। जिसके चलते पूर्व में पदस्थ कोतवाल भी रेत कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई भी नही कर पाते थे। जिसके कारण रेत कारोबारी एवं इसमें संलिप्त कथित पुलिस कर्मियों का मनोबल दिनों दिन बढ़ता गया।
सूत्र तो यहां तक बताते हैं कि रेत कारोबारियों से तीन से पॉच हजार रूपये एक हजार रूपये सुविधा शुल्क वसूल किया जाता है और वसूली के लिए बकायदे पुलिस कर्मी तैनात रहते हैं। हालांकि नवागत कोतवाल को अभी इसकी जानकारी दूर-दूर तक नही है। उन्हें अंधेरे में रख कर रेत का कारोबार किया जा रहा है। यदि सूत्रों की बात माने तो पुलिस उन्ही पर कार्रवाई करती है, जिनसे नाराज होती है या फिर तालमेल नही बन पाता है। बाकि शेष कारोबारियों को छूट दे देती और कथित पुलिस कर्मी रात भर मुखबिरी भी करते रहते हैं। ताकि उनके ट्रैक्टर वाहन को कोई पकड़ ना पाए।
गस्त के दौरान पुलिस को नही दिखाई देते ट्रैक्टर
फिलहाल बैढ़न क्षेत्र में रेत के बढ़ते अवैध कारोबार को लेकर कोतवाली बैढ़न के कथित पुलिस कर्मियों के कार्यप्रणाली पर तरह-तरह के सवाल उठने लगे हंै। यहां के कई नागरिको ने बताया कि रात भर देवरा-गनियारी के रास्ते से धमाचौकड़ी करते रहते हैं। पुलिस गस्त करती है, लेकिन इन ट्रैक्टरों पर उनकी नजर नही पड़ती। इसके पीछे कारण क्या है, इसे तो पुलिस कर्मी ही बता पाएंगे। लेकिन अब उक्त मामला धीरे-धीरे जोर पकड़ने लगा है। यहां के नागरिको ने पुलिस अधीक्षक के साथ-साथ नवागत कोतवाली टीआई का ध्यान आकृष्ट कराते हुये रेत का अवैध कारोबार में संलिप्त पुलिस कर्मियो की जांच कराकर कार्रवाई किये जाने की मांग की है।
