रांची, 24 जून (वार्ता) झारखंड में सरायकेला और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में देर रात हाथियों के हमले की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आईं।
एक ओर सरायकेला-खरसावां जिले में हाथियों के झुंड ने गांव में घुसकर एक घर को क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे एक महिला घायल हो गई, वहीं पश्चिमी सिंहभूम के मनोहरपुर में दंतैल हाथी के हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई।
सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल वन क्षेत्र अंतर्गत ईचागढ़ प्रखंड के मौसाढ़ा गांव में मंगलवार देर रात हाथियों का झुंड भोजन और पानी की तलाश में गांव में घुस आया। उस समय परिवार के सदस्य घर में सो रहे थे। हाथियों ने एक मकान की दीवार तोड़ दी और घर में रखा अनाज खा गए। दीवार गिरने से घर के अंदर सो रही एक महिला मलबे की चपेट में आ गई और घायल हो गई। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए महिला को मलबे से बाहर निकाला और इलाज के लिए अस्पताल भेजा। उसकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
घटना के बाद ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लगातार हाथी-मानव संघर्ष की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन वन विभाग प्रभावी कदम नहीं उठा रहा है। लोगों का कहना है कि सूचना देने के बावजूद अधिकारी समय पर मौके पर नहीं पहुंचे। ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त मकान की मरम्मत, घायल महिला के इलाज और उचित मुआवजे के साथ-साथ हाथियों के गांव में प्रवेश रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था की मांग की है। उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले भी इसी क्षेत्र में हाथियों ने तीन घरों को नुकसान पहुंचाया था।
वहीं पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर प्रखंड के पात्थरबासा गांव के कोकलोटाला में दंतैल हाथी के हमले में 48 वर्षीय दिलेश्वर जातराम की मौत हो गई।
बताया गया कि मंगलवार देर रात करीब दो बजे वह शौच के लिए घर से बाहर निकले थे। अंधेरे के कारण उन्हें आसपास मौजूद हाथी का पता नहीं चल सका। इसी दौरान दंतैल हाथी ने उन पर हमला कर दिया। हाथी ने उन्हें सूंड से उठाकर कई बार पटक दिया, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
हाथी के डर से परिजन रातभर घर से बाहर नहीं निकल सके। सुबह मृतक की पत्नी ने बाहर निकलकर देखा तो पति का शव घर के पास पड़ा था। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को मनोहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
वनपाल अभय कुमार ने बताया कि सरकार की ओर से मृतक के परिजनों को तत्काल एक लाख रुपये की अंतरिम सहायता दी जाएगी। शेष प्रक्रिया पूरी होने के बाद नौ लाख रुपये की अतिरिक्त अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी। वन विभाग ने ग्रामीणों से रात के समय घर से बाहर निकलते वक्त पर्याप्त रोशनी का उपयोग करने और सतर्क रहने की अपील की है।
लगातार हो रही इन घटनाओं ने एक बार फिर राज्य में बढ़ते मानव-हाथी संघर्ष की गंभीरता को उजागर कर दिया है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक हाथियों की आवाजाही को नियंत्रित करने और प्रभावित गांवों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक ऐसी घटनाओं पर रोक लगाना मुश्किल होगा।
